दसवीं की परीक्षा देने आयी थी लड़की, नाबालिग की भर दी मांग

चितरा: चितरा कोलियरी स्थित हाइस्कूल में दसवीं की परीक्षा देने आयी एक नाबालिग आदिवासी लड़की की मांग में एक नाबालिग आदिवासी लड़के ने सिंदूर डाल दिया. यह खबर चितरा में आग की तरह फैल गयी. मांग भरने की खबर सुनते ही अगल-बगल से लोगों की भीड़ लड़का-लड़की को देखने के लिए उमड़ने लगी. घटना की […]

चितरा: चितरा कोलियरी स्थित हाइस्कूल में दसवीं की परीक्षा देने आयी एक नाबालिग आदिवासी लड़की की मांग में एक नाबालिग आदिवासी लड़के ने सिंदूर डाल दिया. यह खबर चितरा में आग की तरह फैल गयी. मांग भरने की खबर सुनते ही अगल-बगल से लोगों की भीड़ लड़का-लड़की को देखने के लिए उमड़ने लगी. घटना की सूचना मिलते ही चितरा थाना के एएसआइ बबलू कुमार दल-बल के साथ स्कूल पहुंचे और लड़की व लड़के को अपने कब्जे में लेकर थाना चले गये. कुछ देर तक लोग थाना के मुख्य गेट पर जमे रहे.

उसके बाद पुलिस ने भीड़ को हटाया. पुलिस की ओर से लड़का व लड़की पक्ष को बुलाया गया. दोनों में पक्षों में समझौता कराया गया. अखिल भारतीय आदिवासी महासभा के राष्ट्रीय महासचिव पशुपति कोल, एटक के सह सचिव होपना मरांडी, श्यामसुंदर मरांडी, संतोष मुर्मू, सुप्रकाश मरांडी व रूपेश मुर्मू ने मिल कर ने दोनों पक्षों के बीच आपस में समझौता कराया.

आदिवासी नेता कोल ने कहा कि दोनों नाबालिग हैं. लड़के ने जबरन सिंदूर भरा है, इसलिए यह शादी मान्य नहीं है. मौके पर सारठ पुलिस इंस्पेक्टर सह चितरा थाना प्रभारी अरविंद उपाध्याय, एएसआइ बबलू कुमार, एस पी सिंह आदि उपस्थित थे. प्रधानाचार्य विजय झा ने कहा कि वे प्रश्न पत्र बांटने में व्यस्त थे. इसी दौरान पीछे से लड़के ने यह हरकत कर दी.

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