वर्षों सेवा के बाद छोड़ दिया भूखे मरने को

निगम ने नहीं दिया पैसा, विभाग ने किया कार्यमुक्त, कर्मियों ने कहा देवघर व मधुपुर मिला कर हैं कुल 21 कर्मी 18 न्यूनतम वेतनभोगी व तीन हैं दैनिक भोगी छह हजार से 13 हजार तक मिलता था मानदेय देवघर : पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव ने पूर्व रांची को छोड़ कर प्रांत के सभी […]

निगम ने नहीं दिया पैसा, विभाग ने किया कार्यमुक्त, कर्मियों ने कहा

देवघर व मधुपुर मिला कर हैं कुल 21 कर्मी
18 न्यूनतम वेतनभोगी व तीन हैं दैनिक भोगी
छह हजार से 13 हजार तक मिलता था मानदेय
देवघर : पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव ने पूर्व रांची को छोड़ कर प्रांत के सभी पंप खलासी को कार्यमुक्त कर दिया. सभी को एक दिसंबर से काम पर नहीं आने को कहा गया है. देवघर शहरी जलापूर्ति योजना में 13 लोग पंप में सेवा दे रहे थे. उनको भी हटा दिया गया है. सभी कर्मी 20 वर्षों से पीएचइडी के अधीन सेवा कर रहे हैं. इसकी रूपरेखा पिछले एक साल से बनती रही थी. एक साल से देवघर शहरी जलापूर्ति योजना में सेवा देने के बाद भी मानदेय नहीं मिला है.
पीएचइडी ने मानदेय पर बिना कोई फैसला लिए कार्यमुक्त कर दिया. अपने ही कर्मियों को पराया बता कर दर-दर भटकने के लिए छोड़ दिया. पीएचइडी से एक साल का बकाया मानदेय मांगने पर निगम क्षेत्र में सेवा देने की बात कह कर निगम कार्यालय भेज दिया जाता है. निगम कार्यालय आने पर पीएचइडी का कर्मी बता कर मानदेय देने से मना कर देती है. उन्हें समझ में नहीं आ रहा है कि मानदेय पीएचइडी देगी या निगम देगी. पीएचइडी ने कार्यमुक्त कर दिया. निगम मानदेय नहीं दे रहा है.
सभी कर्मी दोनों जगह धक्के खाने को मजबूर हो रहे हैं.
मामूली गड़बड़ी से पतालडीह पंप है बंद : पतालडीह पंप में मामूली खराबी से एक सप्ताह से पानी नहीं आ रहा है. इससे जोन टू में शहरी जलापूर्ति व्यवस्था चरमरा गयी है. इन कर्मियों के रहने से पंप सही तरीके से चलेगी.
निगम ने भी नहीं दिया सहारा : कर्मियों को उम्मीद है कि पीएचइडी और निगम में समझौता हो जायेगा और देवघर के 13 कर्मियों को काम मिल जायेगा. इनमें से कई कर्मी 20 वर्षों से सेवा दे रहे हैं. लोग भागलपुर डिवीजन से ही काम कर रहे हैं. इस उम्र में दूसरी नौकरी नहीं मिलने का डर सता रही है.
इन्हें किया गया है कार्यमुक्त : कृष्णकांत झा, शिव जी झा, सुरेश राज, भोला हेंब्रम, राम विलास सिंह, कमलेश सिंह, संजीव देव, नागेश्वर सिंह, सुलेखा देवी, मीना देवी, आनंद यादव, प्रभाकर तिवारी, अनिल पंडित, मिलन मिस्त्री
क्या कहते हैं पीएचइडी एसडीओ
पीएचइडी के एसडीओ रुदल मंडल ने कहा कि सभी कर्मी कुशल कारीगर हैं. इनका मानदेय भी कम है. शहरी जलापूर्ति योजना में सबकी मदद लेनी चाहिए. यह दोनों के हित में अच्छा रहेगा. सभी लोग पहले से निगम का काम कर रहे हैं. उनके पास अनुभव भी है.

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