देवघर: झारखंड स्टेट बार काउंसिल के चुनाव को सुप्रीम कोर्ट की हरी झंडी मिल गयी है. इससे स्टेट बार काउंसिल के चुनाव का मार्ग प्रशस्त हो गया है. 15 दिसंबर को चुनाव की अधिसूचना जारी होगी और फरवरी-2018 के प्रथम सप्ताह में चुनाव होगा. उक्त बातें झारखंड स्टेट बार काउंसिल के चेयरमैन राजीव रंजन ने कही. वे बाबा बैद्यनाथ मंदिर में पूजा के बाद सर्किट हाउस में पत्रकारों से बात कर रहे थे. उन्होंने कहा कि बाबाधाम से ही चुनाव की घोषणा कर रहे हैं.
बार काउंसिल को नहीं मिल रहा ग्रांट : चेयरमैन ने कहा कि सरकार बार काउंसिल की उपेक्षा कर रही है. अब तक सरकार ने कोई ग्रांट नहीं दिया है.
एपीपी/पीपी के पद के लिए 50 फीसदी सीट एसोसिएशन की हिस्सेदारी नहीं गयी है. इन सभी मांगों को लेकर संघर्ष जारी है.
लॉयर्स एकेडमी के लिए जमीन उपलब्ध नहीं करा रही
उन्होंने कहा कि काउंसिल रांची में लॉयर्स एकेडमी की स्थापना करना चाहती है. इसके लिए सरकार से जमीन की मांग की गयी है. लेकिन सरकार जमीन का 13 करोड़ रुपये मांग रही है. जबकि अन्य लोगों को रियायती दर पर सरकार जमीन दे रही है. सरकार एकेडमी की स्थापना के लिए सहयोग नहीं कर रही है.
अधिवक्ताओं के वेलफेयर के लिए कई योजनाएं
चेयरमैन राजीव रंजन ने कहा कि बार काउंसिल ने लॉयर्स वेलफेयर एक्ट-2012 तैयार किया है. इसके तहत डेथ बेनीफिट 70 हजार से बढ़ाकर सात लाख रुपये कर दिया गया है. एसोसिएशन का अपना वेबसाइट है, जिसमें सारी सूचनाएं अप-टू-डेट है. अपना जनरल भी निकल रहा है. 70 साल से अधिक उम्र के अधिवक्ताओं के लिए सात हजार प्रतिमाह पेंशन का लाभ दे रहे हैं.
युवा अधिवक्ताओं के लिए प्रथम तीन साल एक-एक हजार
उन्होंने वेलफेयर योजनाओं की जानकारी दी कि युवा अधिवक्ताओं को प्रथम तीन साल तक एक-एक हजार रुपये भत्ता(स्टाइपेंन) दिया जा रहा है. यह योजना अप्रैल 2016 से ही शुरू किया गया है. इसके अलावा मेडिकल इंश्योरेंस, पेंशन स्कीम की राशि बढ़ाना प्राथमिकताओं में है. चेयरमैन ने कहा कि काउंसिल सरकार से अपनी मांगों के लिए संघर्ष करता रहेगा. इस अवसर पर चेयरमैन के अलावा देवघर बार के अध्यक्ष बालेश्वर सिंह, विधिक परिषद के एसएन राय, धनबाद से राजेश्याम गोस्वामी, जमशेदपुर से प्रकाश, चाइबासा के अनिल कुमार महतो, धनबाद बार एसोसिएशन की अध्यक्ष, देवघर के अधिवक्ता मुकेश पाठक सहित कई अधिवक्ता मौजूद थे.
