रूपलाल मरांडी की मौत मामले में नेशनल ह्यूमन राइट गंभीर
एनएचआरसी ने चार सप्ताह में मांगी रिपोर्ट
मोहनपुर के भगवानपुर गांव में 23 अक्तूबर को हुई थी मौत
परिजनों ने कहा था : भूख से हुई मौत, नहीं था खाने को अनाज
अंगूठा मैच नहीं करने के कारण दो माह से नहीं मिल रहा था राशन
ओंकार विश्वकर्मा ने की थी एनएचआरसी से शिकायत
देवघर : मोहनपुर प्रखंड स्थित भगवानपुर में 23 अक्तूबर को कथित भूख से ग्रामीण रूपलाल मरांडी की मौत मामले को नेशनल ह्यूमन राइट कमीशन ने गंभीरता से लिया है. ह्यूमन राइट सहायक रजिस्ट्रार(लॉ) ने देवघर डीसी से चार सप्ताह के अंदर रिपोर्ट तलब किया है. एनएचआरसी ने कहा कि कैसे रूपलाल की मौत हुई, पूरी रिपोर्ट को दस्तावेजों के साथ पेश करें. एनएचआरसी ने शिकायतकर्ता ओंकार विश्वकर्मा की शिकायत के आलोक में संज्ञान लिया.
बेटी ने कहा था, नहीं था अनाज, भूख से हुई पिता की मौत
ज्ञात हो कि 23 अक्तूबर को रूपलाल की मौत हो गयी थी. इस संबंध में मृतक की बेटी ने कहा था कि घर में खाने को अनाज नहीं था, दो दिनों से चूल्हा नहीं जला था. भूखे रहने की वजह से पिताजी की मौत हो गयी. उस वक्त पीडीएस डीलर ने कहा था कि अंगूठा मैच नहीं कर रहा था, इसलिए राशन नहीं दिये. अगस्त माह तक ही उसे राशन मिला था, सितंबर और अक्तूबर में डीलर ने राशन नहीं दिया. इस तरह से पूरे मामले में जिला प्रशासन ने जांच करवायी, जिसमें डीलर दोषी करार दिया गया.
प्रशासन व सरकार ने कहा था : भूख से नहीं हुई मौत
पूरे प्रकरण की जांच जिला प्रशासन ने करायी. जो रिपोर्ट सरकार को भेजी गयी. इसमें भूख से मौत हुई इसका कोई प्रमाण प्रशासन को नहीं मिला. प्रशासन की रिपोर्ट को डिटो करते हुए सरकार के मंत्री सरयू राय ने भी प्रेस कांफ्रेंस कर कह दिया था कि रूपलाल की मौत भूख से नहीं हुई.
