उपायुक्त की गोपनीय शाखा प्रभारी पदाधिकारी देवलाल उरांव के प्रतिवेदन पर मामला दर्ज
देवघर : सत्संग आश्रम के सहायक सचिव शिवानंद प्रसाद पर धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज की गयी है. उपायुक्त गोपनीय शाखा के प्रभारी पदाधिकारी देवलाल उरांव ने नगर थाना में यह मामला दर्ज कराया है. आरोपित पर फर्जी कागजात बनाकर दिग्भ्रमित करने व उसे आधार बनाकर पुन: दूसरा कागजात तैयार करने के प्रयास का आरोप लगाया गया है. जिक्र है कि 19 नवंबर की 12 बजे मध्याह्न में सत्संग के सहायक सचिव बताने वाले शिवानंद प्रसाद अपने साथ एक प्रमाणपत्र लेकर गोपनीय शाखा पहुंचे. साथ लाये प्रमाण पत्र को देकर उसी आधार पर दूसरा प्रमाण पत्र निर्गत कराने के लिए उपायुक्त से मिलने की बात कही.
उपायुक्त के आदेश से शिवानंद द्वारा साथ लाये प्रमाण पत्र की जांच गोपनीय शाखा के पत्र निर्गत पंजी से की गयी. जानकारी मिली कि 01.06.13 में यह प्रमाण पत्र निर्गत ही नहीं हुआ है. वहीं वर्ष 2013 में डॉ नितिन मदन कुलकर्णी देवघर उपायुक्त के रूप में पदस्थापित नहीं थे. जांचोपरांत पाया गया कि शिवानंद द्वारा प्रस्तुत प्रमाणपत्र फर्जी है. इस संबंध में सत्संग के सहायक सचिव शिवानंद के विरुद्ध नगर थाना कांड संख्या 724/17 भादवि की धारा 420, 467, 468, 471, 120बी के तहत मामला दर्ज कर पुलिस पड़ताल में जुटी है. गोपनीय शाखा के प्रभारी पदाधिकारी के प्रतिवेदन के साथ दूरभाष ड्यूटी सह अनुसेवक नागेश्वर शर्मा समेत अन्य का हस्ताक्षरयुक्त शिकायत संबंधी आवेदन (जिस पर वर्तमान उपायुक्त द्वारा प्राथमिकी हेतु आदेशित किया गया था), सत्संग आश्रम के सहायक सचिव शिवानंद द्वारा प्रस्तुत फर्जी प्रमाण पत्र व गोपनीय शाखा की निर्गत पंजी की छायाप्रति भी संलग्न है.
