देवघर : रविवार को देवीपुर व जसीडीह में अलग-अलग दुर्घटना में तीन की मौत, सोमवार को मधुपुर में वृद्धा की मौत, मंगलवार को कोठिया मोड़ के समीप शंकर दास की मौत, बुुधवार को बाइपास रोड में हर्ष की मौत…यह आंकड़े बताते हैं किस कदर सड़क हादसों में लोग अपनी जान गंवा रहे हैं. जिले में जिले में सड़क दुर्घटना का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है. सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार जिला स्तर पर गठित पीआइयू (प्रोजेक्ट इंप्लीमेंटेशन यूनिट) के 10 माह के आंकड़े बड़े चौंकाने वाले हैं.
हर तीसरे दिन जिले में होती है एक मौत
देवघर : रविवार को देवीपुर व जसीडीह में अलग-अलग दुर्घटना में तीन की मौत, सोमवार को मधुपुर में वृद्धा की मौत, मंगलवार को कोठिया मोड़ के समीप शंकर दास की मौत, बुुधवार को बाइपास रोड में हर्ष की मौत…यह आंकड़े बताते हैं किस कदर सड़क हादसों में लोग अपनी जान गंवा रहे हैं. जिले में […]

जिले में हर तीसरे दिन सड़क हादसों में एक व्यक्ति की मौत हो रही है. जबकि इसी तरह के हादसों में प्रत्येक दिन एक से अधिक लोग गंभीर रूप से जख्मी हो रहे हैं. वर्ष 2017 के अक्तूबर माह की समाप्ति तक जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में तकरीबन 92 लोगों की मौतें हो चुकी है अौर लगभग 174 लोग गंभीर रूप से घायल होकर सदर अस्पताल से लेकर सीएचसी अौर निजी क्लीनिकों में इलाज करा रहे हैं या करा चुके हैं. कुल मिला कर घटना के बाद घरवालों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
मरने वालों में सबसे 35 से 45 उम्र वर्ग के लोग : दुर्घटना में मरने वालों में सबसे ज्यादा 35 से 45 वर्ष उम्र वर्ग के लोग हैं. जबकि घायल होने वालों में युवा वर्ग के लोग ज्यादा शामिल हैं. दुखद बात यह है कि इनमें से ज्यादातर हादसे खुद से नहीं बल्कि विपरीत दिशा से आने वाले वाहनों के धक्के के कारण हुए हैं.
डीसी की अध्यक्षता में कमेटी संचालित : सुप्रीम कोर्ट व परिवहन सचिव के निर्देश पर जिले में डीसी की अध्यक्षता में जिलास्तरीय कमेटी संचालित हो रही है. इस कमेटी में एसपी, डीटीअो, डीएसपी(सीसीआर), सिविल सर्जन, पीडब्ल्यूडी कार्यपालक अभियंता, नेशनल हाइवे के अधिकारी आदि शामिल हैं. यह कमेटी हादसों वाले स्थल को चिह्नित कर इसे रोकने के लिए कदम उठाती है.
सबसे ज्यादा घटना दोपहिया वाहनों से
यूनिट से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सबसे ज्यादा घटनाएं दो पहिया वाहनों से हुई हैं. इस वर्ष अबतक दोपहिया वाहनों से 82 घटनाएं हो चुकी है. दूसरे नंबर पर ट्रक व लॉरी से 56 हादसे हुए हैं. आंकड़ें यह भी बतातें है कि हादसे में पैदल चलने वाले, रिक्शा पर चलने वाले तथा बैलगाड़ी से चलने वाले भी दुर्घटनाअों के शिकार हुए हैं.
इस वर्ष (10 माह) हुए हादसे में मौत व घायलों की संख्या
आयु मौत घायल
0-18 02 05
18-25 14 26
25-35 27 66
35-45 41 48
45-60 18 24
60 से अधिक 01 05
कुल 92 174
किस वाहन से हुई कितनी दुर्घटनाएं
दोपहिया 82
कार,जीप, वैन, टैक्सी 32
अॉटो रिक्शा 10
ट्रक, लॉरी 56
हैवी आर्टिकुलेटेड व्हीकल 01
ट्रैक्टर-टीलर 09
साइकिल 10
बैलगाड़ी 01
रिक्शा 01
अन्य(पैदल ) 08