प्राइवेट चिकित्सक द्वारा रेफर किये जाने के बाद वह शुक्रवार करीब 11 बजे सदर अस्पताल पहुंचा. ओपीडी में पर्ची बनवाने के बाद वह डॉक्टर की सलाह पर डेंगू की जांच कराने भटकता रहा, बावजूद उसके ब्लड जांच नहीं हो सकी. अस्पताल की पैथोलॉजी में जांच नहीं हुई, तो आउटसोर्सिंग पर संचालित एक कंपनी की पैथोलॉजी में गया. वहां उससे डेंगू जांच के लिए 750 रुपये मांगे गये.
नहीं सुधर रही व्यवस्था : गरीब मरीजों पर आफत, शहर के लिए चिंता की बात डेंगू टेस्ट के लिए सदर अस्पताल में घंटों भटकता रहा मरीज
देवघर: सदर अस्पताल की व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही है. शुक्रवार को भी यहां अवस्था देखने को मिली, जब डेंगू की जांच के लिए मरीज को घंटों भटकना पड़ा. हद तो तब हो गयी जब आउटसोर्सिंग पर संचालित पैथोलॉजी में जांच के लिए उससे निर्धारित शुल्क से अधिक पैसे मांगे गये. मोहनपुर के […]

देवघर: सदर अस्पताल की व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही है. शुक्रवार को भी यहां अवस्था देखने को मिली, जब डेंगू की जांच के लिए मरीज को घंटों भटकना पड़ा. हद तो तब हो गयी जब आउटसोर्सिंग पर संचालित पैथोलॉजी में जांच के लिए उससे निर्धारित शुल्क से अधिक पैसे मांगे गये. मोहनपुर के रिखिया निवासी मरीज अशोक यादव की बुखार की शिकायत थी.
पैसे के अभाव में वह जांच करा पाने में सक्षम नहीं था, बावजूद किसी ने उसकी नहीं सुनी. मरीज अशोक ने बताया कि बेंगलुरु में वह पानी-जूस की कंपनी में काम करता था. वहां बुखार की शिकायत होने पर घर आ गया. यहां प्राइवेट डॉक्टर से इलाज कराया. बावजूद बुखार ठीक नहीं हुआ. इसके बाद डॉक्टर ने डेंगू होने की बात कहते हुए उसे सदर अस्पताल रेफर कर दिया. इधर, वीबीडी कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग के निर्देशानुसार सरकारी व प्राइवेट पैथोलॉजी वाले को डेंगू जांच का शुल्क छह सौ रुपये ही लेना है.