देवघर: भगवान राम अपने भक्तों का बहुत ख्याल रखते हैं. वह भक्तों के भक्त हैं. उक्त बातें कपिल भाई ने कही. बीएड कॉलेज परिसर में चल रहे संगीतमय राम कथा के सातवें दिन शबरी प्रसंग में प्रवचन दे रहे थे. उन्होंने कहा कि भगवान राम वन गमन के दौरान शबरी की कुटिया में जाते हैं. वह साधनविहिन, कुरुप व बेबस महिला है. राम भक्त होने के कारण भगवान राम मिलते हैं.
उनके जूठे बेर खाते हैं. यह भक्ति की पराकाष्ठा है. राम की महानता है कि भक्तों की भक्ति देख कर जूठे बेर खाने में भी तनिक देर नहीं करते हैं. शबरी को पति त्याग के बाद ऋषि मतंग ने आश्रय दिया. उन्हें भगवान राम का नाम जपने की सलाह दी.
भगवान राम का सेवक से केवल भक्ति का नाता होता है. शबरी को नवधा भक्ति सुनाते हैं. सत्संग, राम कथा, गुरु सेवा, ईश्वर की महिमा व गुणगान करने से जीवन उद्धार हो जाता है. कार्यक्रम को सफल बनाने में समिति अध्यक्ष आरएम पुरी, कार्याध्यक्ष प्रमोद सिंह, महामंत्री अंजनी मिश्र, सचिव उमेश सिंह, पंकज सिंह भदौरिया, रीता चौरसिया आदि जुटे हुए हैं.
