उदासीनता: शहरी जलापूिर्त योजना में लापरवाही, इधर किल्लत, उधर बर्बाद हो रहा है लाखों गैलन पानी
मधुपुर : शहरी जलापूर्ति योजना वर्षो से मधुपुर के लिए सफेद हाथी साबित हो रही है. योजना का लाभ लंबे समय से आम लोगों को नहीं मिल रहा है. जलापूर्ति योजना का निर्माण तीन दशक पूर्व हुआ था. उस दौरान बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री चंद्रशेखर सिंह ने इसकी आधारशिला रखी थी. वर्ष 1986 में बनकर […]
मधुपुर : शहरी जलापूर्ति योजना वर्षो से मधुपुर के लिए सफेद हाथी साबित हो रही है. योजना का लाभ लंबे समय से आम लोगों को नहीं मिल रहा है. जलापूर्ति योजना का निर्माण तीन दशक पूर्व हुआ था. उस दौरान बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री चंद्रशेखर सिंह ने इसकी आधारशिला रखी थी. वर्ष 1986 में बनकर यह तैयार हुआ था. हालांकि इसके बाद समय समय पर इस योजना पर डेढ़ करोड़ से अधिक रख रखाव पर खर्च किया जा चुका है. लेकिन कभी भी यह योजना सफल नहीं रही. योजना के चालू होने के बाद भी वर्तमान समय में शहर के सिर्फ 60 घरों में ही पानी का कनेक्शन है. लेकिन इन घरों में भी पानी की सप्लाई नियमित रूप से नहीं हो पाती है.
इसके कारण आज तक कोई भी उपभोक्ता नगर पर्षद को पानी का विपत्र जमा नहीं कराता है. हालांकि यह योजना अपने कार्यकाल पूर्ण कर चुका है और तीन दशक पूर्व बिछाये गये पाइप लाइन दर्जनों जगह जर्जर हो गयी है. जिसके कारण प्रत्येक दिन पाइप लाइन से लाखो गैलन पानी सड़कों पर बर्बाद हो जाता है.
बेलपाड़ा स्थित पेयजल आपूर्ति विभाग के कार्यालय परिसर में ही एक लाख गैलन क्षमता का पानी टंकी है. जिसमें वर्षों से पानी नहीं चढ़ा है. वर्ष 2009 में एक करोड की लागत से इस योजना का जीर्णोद्धार हुआ था. जिसमें सम्प हाउस भी बनाया गया था. इसका उदघाटन तत्कालीन मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने किया था. लेकिन इसके बाद भी योजना का लाभ शहरवासियों को नहीं मिला. फिलहाल शहर के कुछ सड़कों किनारे नल पोस्ट बना कर बीच बीच में पानी की आपूर्ति की जाती है. लेकिन घरो में पानी नहीं जाने के कारण काफी पानी सड़कों पर बह जाता है. इधर पिछले एक पखवाड़े से नल पोस्ट के माध्यम से होने वाला जलापूर्ति भी बंद है. बताया जाता है कि मशीन का स्टार्टर जल जाने के कारण पानी की आपूर्ति ठप है.
कहते हैं मंत्री
मंत्री राज पलिवार ने कहा कि 53 करोड की लागत से मधुपुर में नयी शहरी जलापूर्ति योजना बनेगा. इसी महीने कैबिनेट से इसकी स्वीकृति मिलने वाली है. अगले महीने इसकी निविदा करायी जायेगी.
कहते हैं अभियंता
पेयजल आपूर्ति व स्वच्छता विभाग के यांत्रिक कनीय अभियंता अभय कुमार ने कहा कि इस योजना को नगर पर्षद को सुपुर्द किया जा रहा है. जिसके कारण रख रखाव के लिए फिलहाल कोई विभाग के पास कोई राशि नहीं है. नगर पर्षद से कई बार राशि की मांग की गयी है. लेकिन अब तक एक रूपया भी इस मद में नहीं मिला.
क्या कहते हैं नप अध्यक्ष
नप अध्यक्ष संजय यादव ने कहा कि अभी जलापूर्ति योजना पेयजल आपूर्ति विभाग के अधिन है. इसका लाभ शहर वासियों को नहीं मिल रहा है. करीब पांच दर्जन पानी का कनेक्शन है. इन्हें भी नियमित पानी नहीं मिल पाता है. जिसके कारण कोई विपत्र नहीं देता है. रख रखाव के लिए कोई आवंटन नगर पर्षद के पास नहीं है. जल्द ही नयी शहरी जलापूर्ति योजना का निविदा नगर विकास के माध्यम से होने वाला है.