पहली बार करौं के युवक की हत्या में आरोपित बना था सुनील

देवघर:अपराध जगत में सुनील दास का नाम पहली बार जुलाई 2010 में उछला. दरअसल, नगर थाना क्षेत्र के हदहदिया पुल के नीचे बोरे में बंद अज्ञात व्यक्ति का शव पुलिस ने बरामद किया था. बरामद धड़ की पहचान परिजनों द्वारा करौं थाना क्षेत्र के रांगासिरसा गांव निवासी युवक के तौर पर की गयी थी. पहचान […]

देवघर:अपराध जगत में सुनील दास का नाम पहली बार जुलाई 2010 में उछला. दरअसल, नगर थाना क्षेत्र के हदहदिया पुल के नीचे बोरे में बंद अज्ञात व्यक्ति का शव पुलिस ने बरामद किया था. बरामद धड़ की पहचान परिजनों द्वारा करौं थाना क्षेत्र के रांगासिरसा गांव निवासी युवक के तौर पर की गयी थी.

पहचान करने के बाद परिजनों द्वारा उसका मोबाइल नंबर पुलिस को उपलब्ध कराया गया था. पुलिस ने मृतक के मोबाइल के कॉल डिटेल्स को खंगालने के बाद सुनील दास व एक महिला को गिरफ्तार किया था. काफी मशक्कत के बाद दो दिनों के पश्चात सुनील की निशानदेही पर नगर पुलिस ने जलसार तालाब के सामने एक किराये के मकान से हत्या में प्रयुक्त हथियार सहित मृतक के कपड़े आदि बरामद किये थे.

इसके बाद सुनील की निशानदेही पर ही पुलिस ने मृतक का सिर पुरनदाहा पुल के नीचे से बरामद किया था. इस मामले में नगर थाना की पुलिस ने सुनील को जेल भी भेजा था. नगर पुलिस के अनुसार फिलहाल उस मामले में सुनील जमानत पर है. इसके बाद एक-एक कर कई लूट, छिनतई, आर्म्स एक्ट समेत अन्य अपराधिक मामलों में सुनील का नाम आता रहा. कई बार पुलिस ने सुनील को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा है. पुलिस के अनुसार नगर व कुंडा थाना में सुनील के खिलाफ डेढ़ दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं. कुंडा पुलिस पर फायरिंग कांड में भी सुनील को आरोपित बनाया गया था.

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