प्लान के तहत उसे नौकरी के लिए ज्वाइनिंग लेटर दिलाने के नाम पर रांची ले जाने की बात पर सुरा तिलौना से उठाया. रास्ते में विनोद ने शराब में नशे की गोली मिलाकर पिलायी जिससे मुकेश बेहोश हो गया. बाद में स्लाइन की पाइप से बांधकर उसे विनोद व सूरज ने एंबुलेंस में ही गला दबाकर मार दिया. उसका ठिकाना लगाने के लिए भागलपुर बरारी घाट पहुंचे. जहां उसके कपड़े व अन्य सामान नदी में फेंकने के बाद लाश को लेकर कटिहार के फलका थाना क्षेत्र अंतर्गत पोठिया अोपी क्षेत्र में चले गये. वहां लाश जलाने के दौरान स्थानीय लोगों के आने की आहट मिलते ही वे भाग निकले. हड़बड़ी में लाश के गले में अधजली मोतियों की माला व आरोपितों में से एक का चप्पल छूट गया. इससे पहले मुकेश ने इंटरव्यू लेटर लेने के लिए अपने साथ 30 हजार रुपये लेकर चला था. तय सौदे के तहत विनोद ने सूरज से 65 हजार रुपये की मांग की थी. जिसमें से सूरज ने हत्या के बाद मुकेश के पास से प्राप्त रुपये में 24 हजार रुपये विनोद व उसके चालक मनीष को दे दिया. शेष छह हजार रुपये अपने पास रख कर सूरज देवघर लौट गया.
मुकेश सिंह हत्याकांड. सूरज ने एंबुलेंस मालिक व चालक के साथ मिलकर दिया घटना को अंजाम, दो लाख ठगे, फिर पैसे मांगने पर कर दी हत्या
देवघर: कर्ज में डूबे सारवां थाना क्षेत्र के पहारिया निवासी सूरज प्रकाश झा, जो सदर अस्पताल में सुरक्षा गार्ड था, ने पहले तो मुकेश को नौकरी का झांसा देकर उससे चार किश्तों में दो लाख रुपये ठगे. नौकरी नहीं मिलने पर जब वह पैसे की मांग करने लगा तो अन्य दो लोगों के साथ मिल […]

देवघर: कर्ज में डूबे सारवां थाना क्षेत्र के पहारिया निवासी सूरज प्रकाश झा, जो सदर अस्पताल में सुरक्षा गार्ड था, ने पहले तो मुकेश को नौकरी का झांसा देकर उससे चार किश्तों में दो लाख रुपये ठगे.
नौकरी नहीं मिलने पर जब वह पैसे की मांग करने लगा तो अन्य दो लोगों के साथ मिल कर उसकी हत्या कर दी. शिनाख्त नहीं हो सके इसलिए सूखे कागज व पत्तों में आग लगाकर उसमें शव को जलाने का प्रयास किया. सूरज व उसके अन्य दोनों साथियों के इकबाल-ए जुर्म के साथ कटिहार पुलिस ने कुंडा थाना की पुलिस के सहयोग से सुरातिलौना निवासी मुकेश सिंह हत्याकांड की गुत्थी सुलझा ली है.
हत्याकांड में पकड़े गये मुख्य आरोपित देवघर सदर अस्पताल के गार्ड सूरज प्रकाश झा की गिरफ्तारी के बाद पूरे रहस्य से पर्दा उठ गया. सारवां के पहारिया निवासी सूरज की निशानदेही पर पुलिस ने एंबुलेंस मालिक विनोद पोद्दार व चालक मनीष कुमार सिंह को भी हिरासत में लेकर घंटों पूछताछ की. पूछताछ में पूरी घटना का जिक्र करते हुए सूरज ने बताया कि वह कुछ दिनों से कुंडा थाना क्षेत्र के ठाढ़ी में घर बनाकर रह रहा था. कर्ज में वह डूबा हुआ था. पैसों की उसे जरूरत थी.
इस बीच आरमित्रा स्कूल में पढ़ने वाले सोना निवासी मुकेश सिंह से मुलाकात हुई. उसे नौकरी की तलाश थी. इस बीच सूरज ने मुकेश को नौकरी दिलाने के नाम पर चार किस्तों में दो लाख रुपये ठग लिये थे. मगर नौकरी न होने की सूरत में पैसा लौटाने की मांग कर रहा था. पैसे नहीं देने पर पुलिस को जानकारी देने की बात कही थी. पुलिस को पता चलने के डर से सूरज ने प्लान बनाकर मुकेश को विनोद पोद्दार व उसके एंबुलेंस चालक मनीष कुमार सिंह की मदद से रास्ते से हटाने का मन बना लिया.
कुंडा पुलिस ने आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी कर तीनों हत्यारोपितों को कटिहार पुलिस को सुपुर्द कर दिया. जेएसआइ प्रभाकर कुमार राय के नेतृत्व में कटिहार पुलिस पहुंची थी. उनके साथ सिपाही कामेश्वर सिंह, पिंटू कुमार, वीरेंद्र कुमार शामिल थे.
कटिहार पुलिस हत्यारोपितों को ट्रांजिट रिमांड पर साथ ले जायेगी
घटना का उद्भेदन होने के बाद कटिहार जिलांतर्गत कोठिया अोपी की पुलिस हत्यारोपितों को ट्रांजिट रिमांड पर लेने के लिए आरोपितों का सदर अस्पताल में मेडिकल जांच कराया व न्यायाधीश के समक्ष प्रस्तुत कराया. ज्ञात हो कि पोठिया अोपी की पुलिस ने 16 सितंबर को मुकेश की अधजली लाश बरामद की थी. उसके बाद वहां की पुलिस ने फलका थाना कांड संख्या 278/17 अंकित अज्ञात आरोपितों के खिलाफ भादवि की धारा 302, 201 व 34 के तहत प्राथमिकी दर्ज किया था.
बरारी में बरामद मोबाइल से खुला राज
मुकेश की मोबाइल एक मछुआरे को गंगा नदी के बरारी पुल के नीचे से मिली थी. जिसपर परिजनों के बात करने पर लौटाने की बात कही थी. उधर, उस मोबाइल के कॉल डिटेल्स के आधार पर देवघर की पुलिस ने सदर अस्पताल के एक गार्ड को हिरासत में लिया, फिर एक प्राइवेट एंबुलेंस मालिक व चालक को भी उठाया. उधर, मामले की जानकारी होने के बाद कुंडा पुलिस ने कटिहार के पोठिया अोपी पुलिस से संपर्क कर इसकी जानकारी दी. इस क्रम में पता चला कि पोठिया थाना की पुलिस ने 16 सितंबर को एक अधजला शव पोठिया थाना क्षेत्र से बरामद किया था, जिसे 72 घंटे बाद निष्पादन भी करा दिया है. उक्त अधजले शव सहित बरामद कपड़े, हवाई चप्पल व माला की फोटो भी पोठिया पुलिस ने कुंडा पुलिस को भेजा. पूरे मामले के खुलासे के क्रम में मुकेश के परिजन भी साथ-साथ थे. परिजनों ने सारी फोटो देखने के बाद पहचान मुकेश के रूप में कर ली थी. इसके बाद वे लोग यहां से कटिहार भी गये थे.