देवघर: इस बार बाबाधाम में दुर्गोत्सव में एक से बढ़कर एक पंडाल, मूर्ति और विद्युत सज्जा का नजारा देखने को मिल रहा है. देवघर के लोग बाबाधाम में ही गुजरात का अक्षरधाम मंदिर, कोलकाता की दक्षिणेश्वर कालीबाड़ी व साउथ का हिरण्यनाभ मंदिर सहित अन्य जगहों के प्रसिद्ध मंदिरों का दर्शन कर रहे हैं. शहर हो या ग्रामीण इलाके से लोगों का हुजूम सप्तमी से ही उमड़ने लगा है.
मेले में देहाती परिधान और आधुनिक ड्रेस पहन लोग पहुंच रहे हैं. जैसी भीड़ मां के दर्शन को आ रही है, वैसी ही सुदृढ़ है पूजा पंडालों की व्यवस्था. पूजा समितियों ने दर्शकों की सुविधा के लिए वाहन पार्किंग, वोलेंटियर, सुरक्षा के लिए सीसीटीवी सहित कई बेहतर इंतजाम किया है. वहीं पंडालों में आने वाले भक्तों को प्रसाद के रूप में मां दुर्गे को लगा भोग दिया जा रहा है. इस बार सभी पंडालों में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है. सभी पंडालों में डस्टबीन तो लगे ही हैं, जागरुकता के लिए बैनर भी लगाये गये हैं. समय समय पर अनाउसमेंट भी किया जा रहा है.
कोई चाट तो कोई गोलगप्पे का ले रहा स्वाद
मेले में लोग घूमने के साथ साथ लोग लजीज व्यंजन का भी स्वाद ले रहे हैं. कहीं चाट तो कहीं गोल-गप्पे खाने को भीड़ लगी है. कहीं होटलों में लोग मिठाइयां व फास्ट फुड खा रहे को कोई गरमी से गला तर करने को आइसक्रीम खा रहे हैं. सत्संग नगर में तो चार लड़कियों ने बाजी लगा कर गोल-गप्पे खाना शुरू किया. चारों में एक ने 16 गोल-गप्पे खायी और बाजी जीत ली.जिसने सबसे कम खाया, उसने पैसा भरा.
ए मां देख न उ बड़का बेलून, हमरा खरीद दे
मेले में एक बच्चे ने जैसे बेलून वाले को देखा, तो मां से कहता है : ए मां देख न उ बड़का बेलून, हमरा खरीद दे, आरो उ बजवो लेबो. बरमसिया हो या श्रीकृष्णापुरी, सत्संग हो या हरदला कुंड, गोशाला हो या करनीबाद हर जगह चकरी, बेलून सभी जगह बेलून व अन्य खिलौने की दुकानें सजी है.
