साइबर ठगों की वजह से आमलोग भी असहज व डरे-सहमे महसूस कर रहे हैं. साइबर ठगी में लिप्त सैकड़ों युवक घर छोड़कर अलग-अलग जगहों पर ठिकाना बनाकर साइबर ठगी को अंजाम दे रहा है. इससे दिक्कत बुद्धिजीवों व सामान्य छात्रों को हो रही है. साइबर ठग तो पुलिस की भनक लगते ही अपने रिश्तेदारों के यहां भाग जाते है, लेकिन जब बाहर की पुलिस आती है तो सामान्य लोगों को कई बार पूछताछ का सामना करना पड़ता है.
मोहनपुर: हर दिन अलग-अलग राज्यों की पुलिस का छापा, हड़कंप 70 गांवों के युवा साइबर ठगी में लिप्त
मोहनपुर : प्रखंड के करीब 70 गांवों के युवा साइबर अपराध में लिप्त हैं. मोहनपुर थाना क्षेत्र के इन गांवों में रोज अलग-अलग राज्यों के पुलिस की छापेमारी की जा रही है. साइबर ठगों का सबसे बड़ा केंद्र बांक, घोरमारा व जगतपुर बना हुआ है. पुलिस की रोज-रोज की छापेमारी से इस इलाके में हड़कंप […]

मोहनपुर : प्रखंड के करीब 70 गांवों के युवा साइबर अपराध में लिप्त हैं. मोहनपुर थाना क्षेत्र के इन गांवों में रोज अलग-अलग राज्यों के पुलिस की छापेमारी की जा रही है. साइबर ठगों का सबसे बड़ा केंद्र बांक, घोरमारा व जगतपुर बना हुआ है. पुलिस की रोज-रोज की छापेमारी से इस इलाके में हड़कंप मचा हुआ है. पुलिस के डर से गांव की गलियां सुनसान हो गयी है.
एयरपोर्ट अधिकारी के खाते से हुई 10 लाख की निकासी: रविवार को दिल्ली के एक एयरपोर्ट के अधिकारी के बैंक खाते से 10 लाख रुपये ठगी के मामले में दिल्ली पुलिस ने बांक गांव में पंकज कुमार मंडल की तलाश में आयी थी. इस दौरान आधे दर्जन युवकों से दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने पूछताछ की है. कई ग्रामीणों से भी पुलिस ने पूछताछ की. हालांकि पुलिस छापेमारी की खबर मिलते ही पंकज भाग निकला. बताया जाता है कि पूर्व में हजारीबाग पुलिस की रिकार्ड में आने वाले घोरमारा नीचे टोला के साइबर ठगों के सरगना ने पंकज के नाम से उक्त ठगी की है. दिल्ली पुलिस अब सरगना को खोजने में जुटी है.
रोज-रोज की छापेमारी से ग्रामीण परेशान एक दिन में 80 लाख तक एटीएम से निकासी
बताया जाता है कि साइबर ठग घोरमारा बैंक मोड़ के समीप एटीएम से एक दिन में 80 लाख रुपये तक निकासी करते हैं. साइबर ठग अधिकांश मजदूरों का कार्ड व एटीएम का इस्तेमाल कर ठगी का पैसे एटीएम से निकालते हैं. इस एटीएम का प्रतिदिन 80 से 100 साइबर ठग भी इस्तेमाल करते हैं, जिसका खुद के नाम से एटीएम कार्ड व खाता नहीं रहता है.
साइबर क्राइम रोकने के लिए प्रशासन को पंचायत से मदद लेनी चाहिए. पुलिस पंचायत के सहयोग से साइबर ठगों की प्रोफाइल तैयार कर कार्रवाई कर सकती है. साइबर क्राइम की दलदल में कई युवा फंसते जा रहा है. गांव की बदनामी हो रही है. ग्रामीणों को विश्वास में लेकर पुलिस कार्रवाई करेगी तो जरूर मदद मिलेगी.
– हिमांशु यादव, मुखिया, कटवन
साइबर क्राइम रोकने के लिए स्थानीय पुलिस को सक्रिय भूमिका निभानी होगी. पुलिस अभियान चलाकर साइबर ठगों में लिप्त युवकों का पता लगा सकती है, इसमें ग्रामीण व बुद्धिजीवियों का पूर्ण सहयोग होगा. रोज अलग-अलग राज्यों की पुलिस से इस इलाके की छवि धूमिल हुई है.
– मनोज यादव, चौपा मोड़