मधुपुर: राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं परिषद (नैक) की तीन सदस्यीय टीम ने सोमवार को मधुपुर महाविद्यालय का निरीक्षण किया. टीम ने कॉलेज के आधारभूत संरचना की जानकारी ली. विज्ञान, कला व वाणिज्य विभाग के भवन, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब, कार्यालय कक्ष आदि विभिन्न फैकल्टी से संबंधित विभागों की बारीकी से अध्ययन किया. कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डाॅ पशुपति राय से अन्य कई बिंदुओं पर भी जानकारी ली गयी.
नैक टीम ने कहा कि चार हजार से अधिक विद्यार्थियों का पठन पाठन सात शिक्षकों के भरोसे कैसे चलता है, यह चिंता का विषय है. संख्या के अनुरूप 70 शिक्षकों का होना अनिवार्य है. इस अवसर पर पूर्ववर्ती छात्र रफीक शबनम, फैयाज कैशर, हेमंत नारायण सिंह समेत अरविंद कुमार ने भी कॉलेज के उपलब्धियों के बारे में विस्तार से नैक के अधिकारियों से कहा कि कॉलेज की सुविधा बढ़नी चाहिए, क्योंकि इस क्षेत्र का एकमात्र कॉलेज है. अधिकारियों की टीम ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए संसाधन की जरूरत बतायी. निरीक्षण का रिपोर्ट 45 दिनों के अंदर विश्वविद्यालय को दिया जाता है. जिसमें महाविद्यालय के शैक्षणिक आधार पर ग्रेडिंग की जाती है. निरीक्षण के बाद टीम के सदस्यों ने विषयवार प्राध्यापकों के साथ बैठक भी की.
दे रहे नि:शुल्क सेवा: सेवानिवृत्त प्रभारी प्राचार्य व अतिथि अध्यापक ने बताया कि शिक्षकों की कमी को देखते हुए नि:शुल्क सेवा महाविद्यालय में दे रहे हैं, ताकि छात्र-छात्राओं को पठन पाठन निरंतर चलता रहे. बताया कि विषयवार शिक्षकों की कमी के बाद भी कॉलेज का परीक्षा परिणाम बेहतर रहा है. अधिकारियों की टीम में शिक्षकेत्तर कर्मियों से बात की व शिक्षा कार्य से तमाम दस्तावेजों की जांच की. इसके बाद टीम ने पूर्ववर्ती छात्रों व अभिभावकों के साथ बातचीत की. उन्होंने कॉलेज के शैक्षणिक वातावरण और बेहतर बनाने की दिशा में की जा रही पहल की जानकारी ली.
