देवघर: जिले में अवैध जमाबंदी को चिह्नित करने के लिए चलाये गये अभियान में 3224 एकड़ जमीन की जमाबंदी संदेह के घेरे में है. इसमें झाड़ी-जंगल व परती कदीम जमीन शामिल है. संदेहास्पद जमाबंदी वाली जमीन जिले भर के 2250 मौजों में चिह्नित की गयी है. सभी अंचलों के सीओ व हलका कर्मचारी से रिपोर्ट मिलने के बाद अपर समाहर्ता कार्यालय से भू-राजस्व विभाग को भेज दी गयी है.
सरकार के स्तर से अब इस जमीन के मामले में कार्रवाई पर निर्णय लिया जायेगा. हलका कर्मचारियों की रिपोर्ट के अनुसार इसमें वैसी सरकारी जमीन भी हैं, जिस पर किसी ने कब्जा तो कर लिया, लेकिन उसके पास कोई ठोस दस्तावेज नहीं है. उस सरकारी जमीन की खाता में जमाबंदी कायम नहीं हो पायी है. सरकारी जमीन में परती कदीम, खास, झाड़ी-जंगल, गैर मजरुआ आदि प्रकृति की जमीन हैं. जिन्हें अवैध जमाबंदी मामले में चिह्नित किया गया है.
पिछले दिनों मुख्य सचिव राजबाला वर्मा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में भी अवैध ढंग से कब्जा कर बेची गयी जंगल-झाड़ी भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने का निर्देश दिया था. अब रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई होनी है.
अंचल व जमीन का रकबा (एकड़ में)
देवघर 316
मोहनपुर 289
करौं व मारगोमुंडा 162
मधुपुर 452
सारठ 477
सारवां 215
देवीपुर 332
पालोजोरी 834
सोनारायठाढ़ी 139
