देवघर: संताल परगना के लिए खुशखबरी है. संताल का पहला पावर प्लांट जिसे गोड्डा में अडाणी पावर (झारखंड) लिमिटेड लगायेगी, को पर्यावरणीय स्वीकृति (क्लीयरेंस) मिल गयी है. केंद्रीय वन, पर्यावरण व जलवायु मंत्रालय की ओर से इसे सशर्त क्लीयरेंस दिया गया है. क्लीयरेंस मिलते ही गोड्डा में अडाणी पावर प्लांट की सारी अड़चनें दूर हो गयी हैं. अडाणी पावर इस प्रोजेक्ट पर 14 हजार करोड़ रुपये निवेश करेगा. इस प्रोजेक्ट के बन जाने से न सिर्फ गोड्डा के दिन बहुरेंगे, बल्कि संताल परगना के विकास में इसका अहम योगदान होगा.
14 हजार करोड़ की लागत से बनेगा गोड्डा में पावर प्लांट
देवघर: संताल परगना के लिए खुशखबरी है. संताल का पहला पावर प्लांट जिसे गोड्डा में अडाणी पावर (झारखंड) लिमिटेड लगायेगी, को पर्यावरणीय स्वीकृति (क्लीयरेंस) मिल गयी है. केंद्रीय वन, पर्यावरण व जलवायु मंत्रालय की ओर से इसे सशर्त क्लीयरेंस दिया गया है. क्लीयरेंस मिलते ही गोड्डा में अडाणी पावर प्लांट की सारी अड़चनें दूर हो […]

क्षमता 1600 मेगावाट : अडाणी पावर प्लांट की क्षमता 1600 मेगावाट होगी. 1255 एकड़ जमीन पर यह पूरा प्रोजेक्ट स्थापित होगा. इसमें 252 एकड़ जमीन को ग्रीन बेल्ट विकास के लिए रिजर्व रखा गया है. 80 एकड़ जमीन पर मुख्य प्लांट बनेगा जबकि 172 एकड़ जमीन पर प्लांट के लिए जलाशय व एेश-पाैंड बनेगा. यह प्लांट इंपोर्टेड कोल बेस्ड थर्मल पावर प्रोजेक्ट होगा.
पांच हजार लोगों को मिलेगा रोजगार : इस प्लांट में पांच हजार लोगों को रोजगार मिलेगा. इसमें स्कील व अनस्कील्ड लेबर शामिल हैं. इसके अलावा 1800 इम्प्लाय भी यहां काम करेंगे. इसके अलावा गोड्डा जिले के लाखों लोगों को प्लांट से प्रत्यक्ष व प्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलने वाला है.
पुनर्वास पर खर्च होंगे 507 करोड़ : अडाणी पावर ने गोड्डा थर्मल पावर प्लांट के लिए 841 परिवारों के पुनर्वास पर 507 करोड़ का प्रावधान रखा है. इसमें 841 परिवार के कुल 5339 लोग प्रभावित हैं. जिसमें 2883 पुरुष व 2450 महिला शामिल हैं.
कॉरपोरेट सोशल रेस्पांसब्लिटी पर कंपनी 55.62 करोड़ खर्च करेगी. जिसमें शिक्षा, सेनिटेशन, हेल्थ, आजीविका, ग्रामीण संरचना व ग्रामीण खेलकूद पर ये राशि खर्च होगी.
-गोड्डा में अडाणी पावर प्लांट की अड़चनें दूर होना खुशी की बात है. प्लांट का काम अब तेजी से होगा. यह प्लांट संताल परगना के विकास में अहम कड़ी साबित होगी. एक ओर जहां रोजगार का सृजन होगा, वहीं क्षेत्र का उतरोत्तर विकास भी होगा.
-निशिकांत दुबे, सांसद, गोड्डा लोकसभा