देवघर: सारवां निवासी महिला का गर्भपात होने के मामले में नवजात का पोस्टमार्टम करने से सदर अस्पताल के डॉक्टर ने इनकार कर दिया. उसे पीएमसीएच धनबाद रेफर कर दिया गया है. रेफर करने वाले सदर अस्पताल के डॉ अनिकेत ने बताया कि नवजात के शव के पोस्टमार्टम की व्यवस्था यहां नहीं है. ऐसे नवजात का पोस्टमार्टम मेडिकल कॉलेज में ही संभव है. डॉक्टर द्वारा रेफर करने के बाद सारवां थाना के तीन चौकीदारों के साथ नवजात का शव पीएमसीएच धनबाद भेजा गया. नवजात का शव लेकर पीएमसीएच धनबाद दो पुरुष व एक महिला चौकीदार को भेजा जा रहा है.
बताते चलें कि जमीन विवाद की मारपीट में सारवां थाना क्षेत्र के मझलीटिकुर गांव निवासी बॉबी के पेट में चोट लगी थी और इलाज के दौरान सारवां सीएचसी में उसका गर्भपात हो गया था. घटना में उसके तीन माह के नवजात की मौत हो गयी थी.
31 अगस्त को बॉबी के साथ हुई थी मारपीट
पीड़िता के पति सुभाष कुमार सिंह का अपने सौतेले भाई प्रमोद राय व उनके परिवार के साथ तनाव रहता था. उसी झंझट में 31 अगस्त को दिन के करीब 10 बजे ससुर मुन्ना राय, सौतेले भाई प्रमोद राय व सास सोना देवी ने मिल कर उसके साथ गाली-गलौज किया. उसके बाद उसे लात-घूंसे से मारपीट की. मारपीट में बॉबी के पेट में भी चोट लगी थी, जिसकी वजह से उसके पेट में तेज दर्द होने लगा. इलाज के लिए उसे सीएचसी लाकर भरती कराया गया था. इलाज के दौरान शनिवार अपराह्न बाद बॉबी का गर्भपात हो गया. इसके बाद उसे सीएचसी से सदर अस्पताल देवघर रेफर कर दिया गया. इसके बाद वह परिजनों के साथ मृत भ्रूण लेकर सारवां थाना गयी थी. सारवां थाना में इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस अनुसंधान में जुटी है.
सदर अस्पताल में चल रहा है बॉबी का इलाज
फिलहाल बॉबी का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है. उसका इलाज कर रही डॉ निवेदिता ने बताया कि घटना के एक दिन बाद कराये गये अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट में बॉबी के नवजात गर्भ में सुरक्षित था, तो दूसरे दिन किस परिस्थिति में गर्भपात हुआ? यह जांच का विषय है. सोमवार सुबह में बॉबी का पुन: अल्ट्रासाउंड कराया जायेगा. रिपोर्ट के मुताबिक उसकी पुन: सर्जरी की जायेगी. तत्काल अस्पताल की प्रसूति वार्ड में भरर्ती कर बॉबी को दवा व स्लाइन आदि दिया जा रहा है.
