सारठ बाजार. प्रखंड मुख्यालय से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर कचुवाबांक के यादव टोले में दर्जनों भूमिहीन गरीब ऐसे हैं जो मेहनत मजदूरी कर अपना गुजारा कर रहे हैं. उनके रहने के लिए फूस व खपड़े का घर बनाया हुआ है. एक या दो कमरे के घर में परिवार के सभी सदस्य जीवन-यापन कर […]
सारठ बाजार. प्रखंड मुख्यालय से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर कचुवाबांक के यादव टोले में दर्जनों भूमिहीन गरीब ऐसे हैं जो मेहनत मजदूरी कर अपना गुजारा कर रहे हैं. उनके रहने के लिए फूस व खपड़े का घर बनाया हुआ है.
एक या दो कमरे के घर में परिवार के सभी सदस्य जीवन-यापन कर रहे है. कचुवाबांक के यादव टोला निवासी दर्जनों महिलाओं ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ उन्हें नही मिल रहा है.
जबकि गांव के ही कई ऐसे सामर्थ्यवान लोग हैं जिनके नाम से प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत होकर आए है. महिलाओं का कहना था कि आवास योजना को सबसे ज्यादा जरूरत उन्हे हैं. बावजूद इसके यादव टोले में एक भी गरीब के नाम से प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति नही हुई है.