बालू उठाव के विवाद में तो नहीं गयी शैलेंद्र की जान !

देवघर: मोहनपुर थाना क्षेत्र चांदन नदी बिहार सीमा से बिल्कुल सटा हुआ है. चांदन नदी इन दिनों बालू खनन का अड्डा बना हुआ है. रढ़िया के पूर्व पंचायत समिति सदस्य शैलेंद्र यादव अपने ट्रैक्टर के जरिये बालू के व्यवसाय से जुड़े थे. किराये पर चांदन नदी से आसपास के गांवों में बालू आपूर्ति करते थे. […]

देवघर: मोहनपुर थाना क्षेत्र चांदन नदी बिहार सीमा से बिल्कुल सटा हुआ है. चांदन नदी इन दिनों बालू खनन का अड्डा बना हुआ है. रढ़िया के पूर्व पंचायत समिति सदस्य शैलेंद्र यादव अपने ट्रैक्टर के जरिये बालू के व्यवसाय से जुड़े थे. किराये पर चांदन नदी से आसपास के गांवों में बालू आपूर्ति करते थे. शैलेंद्र की हत्या के बाद मंगलवार को घटनास्थल पर उमड़ी भीड़ में अलग-अलग चर्चा थी. लोग यह भी आशंका जता रहे थे कि कहीं बालू उठाव के विवाद में तो उनकी जान नहीं चली गयी. पंडरिया से घटनास्थल तक यह चर्चा बनी हुई थी.

बताया जाता है कि करीब दो माह चांदन नदी में बालू उठाव को लेकर शैलेंद्र का कुछ लोगों से बालू घाट पर ही झंझट हुआ था. ट्रैक्टर के मजदूरों को बालू नहीं उठाने दिया गया था. इसके साथ ही शैलेंद्र चांदन नदी से बालू के अवैध खनन को लेकर अक्सर विरोध करते थे. अवैध बालू खनन की शिकायत भी कई जगह फोन व मौखिक रूप से की थी.

लोग आशंका जता रहे हैं कि शायद अवैध धंधा के खिलाफ आवाज उठाने के कारण ही हमेशा के लिए शैलेंद्र की आवाज बंद कर दी गयी. पुलिस हत्या से जुड़े इन बिंदुओं पर भी जांच कर रही है.
गोली से मोबाइल क्षतिग्रस्त
शैलेंद्र को तीन गोली मारी गयी थी, इसमें एक गोली ने पॉकेट में रखे उसके मोबाइल को भी क्षतिग्रस्त कर दिया है. लेकिन जहां शव पड़ा हुआ था, वहां अधिक खून नहीं पाया गया. मृतक की बाइक पर खून के निशान पाये गये. शव के समीप ही बाइक गिरी हुई थी. गोली का एक खोखा शव के पास व दूसरा कुछ दूरी में पाया गया. लोग कयास लगा रहे थे कि तीन गोली लगने के बाद घटनास्थल पर खून अधिक क्यों नहीं पसरा था. कहीं शैलेंद्र की हत्या अन्य जगह पर करने के बाद साक्ष्य छिपाने के लिए शव को चांदन नदी रोड पर लाकर फेंक तो नहीं दिया गया. चूंकि वह अपने रिश्तेदार को रात 8:25 बजे फोन पर बताया था कि रिखिया पहुंच चुके हैं व देवघर की ओर जा रहे हैं. अगर देवघर की ओर जा रहे थे तो वापस क्यों लौट गये. यह सवाल बना हुआ है. हालांकि पुलिस जब्त मोबाइल का सीडीआर निकाल रही है.
छानबीन में पंडरिया पहुंची पुलिस
मृतक का ट्रैक्टर चांदन नदी के उस पार पंडरिया गांव में ही एक आदिवासी के घर पर रहता था. इस गांव के कई मजदूर शैलेंद्र के ट्रैक्टर में काम करते थे, इसलिए रोज वह पंडरिया गांव जाता था. सोमवार की रात भी वह पंडरिया पहुंचे थे व कई लोगों से मिल कर एक दुकान से सिगरेट खरीदा था. एसडीपीओ दीपक पांडेय व थाना प्रभारी दीपक कुमार पंडरिया पहुंचे व जिन घरों पर शैलेंद्र गया था, उनसे पूछताछ की. दुकानदार से भी पूछताछ की. लोगों ने बताया कि शैलेंद्र अक्सर पंडरिया आते थे व सबों से मिलते थे. घटना की सूचना मिलते ही 20 सूत्री अध्यक्ष मिथिलेश सिन्हा, सांसद प्रतिनिधि पप्पू राव, रंजीत यादव, नरेश यादव रढ़िया पहुंचे व दुख प्रकट करते हुए कहा कि शैलेंद्र मिलनसार थे, उनका व्यवहार बहुत अच्छा था. राजद के वरीय नेता अजय यादव, मुखिया रंजीत प्रधान, काली राउत, गोदावरी चौधरी, भूतनाथ यादव, धनेश्वर यादव ने भी अस्पताल पहुंचकर दुख जताया.
शव के साथ टावर चौक किया जाम
देवघर. मोहनपुर थाना क्षेत्र के रढ़िया निवासी पूर्व पंचायत समिति सदस्य शैलेंद्र यादव के शव के साथ परिजनों व आक्रोशित लोगों ने टावर चौक जाम कर दिया. आक्रोशित परिजन व ग्रामीण शैलेंद्र के हत्यारे को शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग कर रहे थे. जाम करीब 10:15 बजे शुरू हुआ. जाम समर्थक टावर चौक होकर आने-जाने वाले वाहनों को रोक रहे थे. इस दौरान वहां मौजूद पुलिस पदाधिकारियों ने रूट को डायवर्ट कर दिया. राय एंड कंपनी मोड़ व कांग्रेस कार्यालय मोड़ के समीप से ही वाहनों को आगे मोड़ दिया जा रहा था. जानकारी हो कि शैलेंद्र का शव लेकर पुलिस घटनास्थल से पोस्टमार्टम कराने ला ही रही थी. इसी क्रम में रास्ते में टावर चौक पर परिजनों ने गाड़ी रोककर शव उतार लिया तथा बीच सड़क पर शव रखकर सड़क जाम कर दिया. जाम समर्थक पूर्व मंत्री सुरेश पासवान सहित एसपी को बुलाने की मांग कर रहे थे. बाद में नगर इंस्पेक्टर अरविंद उपाध्याय सहित मोहनपुर थाना प्रभारी दीपक कुमार ने सभी को समझाया. शीघ्र मामले में छापेमारी कर दोषियों को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया. करीब एक घंटे बाद उक्त जाम समाप्त हुआ. इसके बाद परिजन लाश लेकर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे. पोस्टमार्टम के बाद पुलिस द्वारा मृतक की लाश परिजनों के हवाले कर दिया.

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