देवघर : एएस कॉलेज में स्नातक खंड एक जूलॉजी प्रायोगिक परीक्षा के दौरान परीक्षार्थी निधि मंजुल की काॅपी जबरन छीनने तथा विरोध करने पर शिक्षक द्वारा जबरन थप्पड़ मारने का मामला सामने आया है. पीड़ित छात्रा ने प्राचार्य को पत्र लिखकर आरोपित शिक्षक के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है. साथ ही सूबे के राज्यपाल, झारखंड मानवाधिकार संघ के अध्यक्ष व उच्च न्यायालय झारखंड को पत्र के माध्यम से घटना से अवगत कराया गया है.
आरोप पत्र के माध्यम से पीड़िता ने कहा है कि परीक्षा के दौरान पांच मिनट पहले ही शिक्षक द्वारा जबरन उत्तरपुस्तिका छीनी गयी. इस दौरान परीक्षा समाप्त होने में पांच मिनट शेष होने की बात कहने पर जोर से कान के ऊपर एक थप्पड़ मारा. इससे चक्कर व बेहोशी जैसी हालत हो गयी. दर्द के कारण रोने लगी तो शिक्षक द्वारा बोला गया कि आंखों से आंसू नहीं निकालो. साथ ही छात्रा ने शिक्षक पर धमकी देने का भी आरोप लगाया. घटना के बाद से वह मानसिक व शारीरिक रूप से परेशान है. अगली परीक्षा में शामिल होने में डर लग रहा है.
स्पष्टीकरण का दो जवाब
घटना के बाद प्राचार्य द्वारा पूछे गये कारणपृच्छा में शिक्षक ने पहला जवाब दिया है कि निधि मंजुल के साथ घटित घटना पर पछतावा पूर्वक खेद प्रकट करते हैं. वहीं दूसरे जवाब में उन्होंने कहा कि जाने-अनजाने में उनके किसी प्रकार के व्यवहार से निधि मंजुल मर्माहत हुई हैं तो वे अपने उस तथाकथित आचरण पर खेद व्यक्त करते हैं. स्पष्टीकरण के जवाब पर सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर एक स्पष्टीकरण के लिए दो जवाब कैसे दिया गया.
