बाबा मंदिर में एक बार फिर प्रसाद बेचने पर हो रहा विचार

देवघर: तिरुपति बालाजी मंदिर की तर्ज पर बाबा मंदिर में मंदिर प्रशासन द्वारा प्रसाद (पेड़ा) बेचने की योजना तीन वर्ष से बंद पड़ी है. इसे दोबारा शुरू करने पर विचार हो रहा है. वर्ष 2014-15 में प्रबंधन बोर्ड में लिये गये निर्णय के बाद गौशाला के द्वारा निर्मित पेड़ा को बाबा मंदिर में भोग लगाकर […]

देवघर: तिरुपति बालाजी मंदिर की तर्ज पर बाबा मंदिर में मंदिर प्रशासन द्वारा प्रसाद (पेड़ा) बेचने की योजना तीन वर्ष से बंद पड़ी है. इसे दोबारा शुरू करने पर विचार हो रहा है. वर्ष 2014-15 में प्रबंधन बोर्ड में लिये गये निर्णय के बाद गौशाला के द्वारा निर्मित पेड़ा को बाबा मंदिर में भोग लगाकर उचित मूल्य पर भक्तों को बेचने की योजना बनायी गयी थी. यह ज्यादा दिन तक नहीं चल पाया था तथा प्रसाद की गुणवत्ता में कमी की शिकायत के बाद इसे बंद कर दिया गया था.
बताते चलें कि प्रसाद बनाने के लिए बाबा मंदिर प्रबंधन के निर्णय के अनुसार गौशाला को गाय खरीदने के लिए पांच लाख रुपये अग्रिम के रूप में दिये गये थे. इस दौरान भक्तों के द्वारा प्रसाद की गुणवत्ता पर सवाल उठाने व मंदिर प्रबंधन को शिकायत करने के बाद प्रसाद का सैंपल जांच के लिए भेजा गया था.
कहते हैं मंदिर प्रभारी
बाबा मंदिर प्रभारी बीके झा ने कहा कि गौशाला को पांच लाख रुपये शुद्ध खोआ का पेड़ा बनाने के लिए एडवांस दिया गया था. गौशाला के द्वारा निम्न स्तर का पेड़ा बना कर सप्लाई किया जाने लगा. इसकी भक्तों ने शिकायत भी की. यह महंगा भी था. इस कारण तत्काल इस योजना को बंद करना पड़ा. अभी भी मंदिर का एक लाख रुपये गौशाला पर बकाया है. जल्द ही इस योजना को चालू करने की योजना है.
गौशाला पर अब भी एक लाख बकाया
योजना बंद हुए तीन साल बीत गये, लेकिन अब तक गौशाला से मंदिर अग्रिम राशि वापस नहीं ले पायी है. लगातार पत्राचार करने के बाद भी गौशाला ने मंदिर को अग्रिम मिले पूरे पैसे नहीं लौटाये. मंदिर का गौशाला के पास अब भी एक लाख रुपये बकाया है.

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