देवघर : जसीडीह के केनमनकाठी के रहनेवाले हरिहर यादव नन-बैंकिंग कंपनी में पैसा जमा करके चिंतित हैं. अाज जब भी उस पैसे की बात होती है तो उनकी आंखें भर आती है. श्री यादव कहते हैं कि मेहनत की कमाई में से काट कर कुछ पैसे जमा किये थे. अपना परिवार एग्रो फार्मिंग डेवलपर्स इंडिया लिमिटेड(मालदा, पश्चिम बंगाल) के अधिकारियों ने कहा कि यदि आप 30 हजार जमा करते हैं तो सात साल में यह राशि तीन गुणा से भी ज्यादा लाभ देगा.
सात साल में तकरीबन एक लाख रुपये देने का वादा कंपनी ने किया. 30.01.12 को उन्होंने 30 हजार रुपये जमा कराये. जिसकी मेच्योरिटी 30.01.19 को होने पर 99,360 रुपये देने का बांड भी कंपनी की ओर जारी किया गया. लेकिन पिछले चार साल से कंपनी के लोग गायब हैं. सीबीआइ जांच से उम्मीद जगी है कि पैसे वापस आयेगा, लेकिन सरकार के स्तर से भी कुछ नहीं किया जा रहा है. इस तरह श्री यादव ने तीन गुणा लाभ के चक्कर में अपना मूलधन भी गंवा दिया. जो बांड कंपनी ने जारी किया है, वह अपने आप में रहस्यमय है. नन-बैंकिंग वाले कैसे ठगी करते हैं, इस बांड से अच्छा उदाहरण कोई और नहीं हो सकता.
