पानी के अभाव में नष्ट हो गये पौधे

देवघर : मोहनपुर प्रखंड स्थित ताराबाद पंचायत के नवाडीह गांव में किसान गणेश यादव की जमीन पर वित्तीय वर्ष 2015-16 में राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत 4300 केला का पौधा लगाया गया था, इसमें महज एक पौधा अभी बच पाया है. शेष पौधा चार माह के अंदर ही नष्ट हो गये. गणेश ने बताया कि […]

देवघर : मोहनपुर प्रखंड स्थित ताराबाद पंचायत के नवाडीह गांव में किसान गणेश यादव की जमीन पर वित्तीय वर्ष 2015-16 में राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत 4300 केला का पौधा लगाया गया था, इसमें महज एक पौधा अभी बच पाया है. शेष पौधा चार माह के अंदर ही नष्ट हो गये. गणेश ने बताया कि विभाग द्वारा उन्हें 4300 केला का पौधा तो मुहैया करा दिया गया,

लेकिन सिंचाई की कोई सुविधा नहीं दी गयी. विभाग ने प्रशिक्षण भी नहीं दिया. पौधों की सुरक्षा के लिए 15 हजार रूपये निजी खर्च कर ट्रेंच कटिंग भी कराया था,लेकिन पानी के अभाव में पौधे गरमी में मर गये. गणेश ने कहा कि विभाग सिंचाई के लिए पाइप मुहैया करायी थी, मगर पानी कहां से आयेगा, इसकी व्यवस्था नहीं की गयी. मनरेगा का एक कूप के लिए दर्जनों बार पंचायत से लेकर जिलास्तर तक आवेदन दिये, बावजूद मनरेगा कूप नहीं मिला. अगर मनरेगा से कूप बन जाता तो सिंचाई कर पौधों को बचा लेते.

किसानों को नहीं मिली केला की खेती का प्रशिक्षण
संताल परगना की मिट्टी में पहली बार केला की खेती करने वाले किसान किस तकनीक से केला की खेती करेंगे, इसके प्रशिक्षण की व्यवस्था विभाग द्वारा नहीं की गयी. विभाग ने किसी प्रकार का प्रशिक्षण दिये बगैर रांची स्थित आइसीस साेल्यूशन नामक संस्था के माध्यम से 45 हजार पौधा 42 किसानों को मुहैया करा दिया. प्रशिक्षण के अभाव में किसानों ने जैसे-तैसे पाैधे लगा दिये.

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