संताल परगना में बैंक हड़ताल का व्यापक असर
देवघर : यूनाइटेड फोरम बैंक यूनियंस के आहवान पर देशव्यापी बैंक हड़ताल का संताल परगना में व्यापक असर रहा है. संताल के छह जिले में तकरीबन 500 करोड़ से अधिक का ट्रांजेक्शन प्रभावित होने की सूचना है. हड़ताल का सर्वाधिक असर दुमका, देवघर और जामताड़ा जिले में पड़ा है. वहीं पाकुड़, साहेबगंज और गोड्डा में भी बैंकों में कामकाज प्रभावित रहा. कहीं कोई कामकाज नहीं हुआ. सभी बैंकों के कर्मियों ने अपने -अपने शाखाओं के सामने इकट्ठा होकर नारेबाजी की और प्रदर्शन किया. देशव्यापी इस प्रदर्शन में संताल के सभी बैंक जैसे एसबीआइ, बैंक अॉफ इंडिया, इलाहाबाद बैंक, पीएनबी, बैंक अॉफ बड़ौदा, बैंक अॉफ महाराष्ट्रा, वनांचल ग्रामीण बैंक, देना बैंक, बंधन बैंक, आंध्रा बैंक आदि शामिल थे.
देवघर में असरदार : यहां एसबीआइ मुख्य शाखा देवघर के सामने विरोध प्रदर्शन किया.
600 करोड़ से अधिक…
जिनमें एसबीआइ स्टाफ एसोसिएशन देवघर अंचल के उपमहासचिव अजय शंकर पांडेय, सहायक प्रवीर कुमार चौबे, सहायक महासचिव मुन्ना कुमार झा, आंचलिक सचिव कृष्ण लाल बलियासे व अधिकारी संघ के महासचिव सुशील कुमार दास, चंद्रशेखर साह तथा शंकर दास ने नेतृत्व किया.
वहीं वनांचल ग्रामीण बैंक के सभी एसोसिएशन के द्वारा वनांचल ग्रामीण बैंक देवघर शाखा परिसर के बाहर प्रदर्शन किया गया. इसका नेतृत्व बैंक के इंप्लाइज एसोसिएशन के महासचिव राहुल कतरियार व अधिकारी संघ के अमन कुमार जोशी, क्षेत्रीय सचिव अनंत कुमार गुुप्ता ने की.
पंजाब नेशनल बैंक देवघर शाखा ने भी सांकेतिक हड़ताल किया. इसमें बैंक के रवि प्रसाद झा, निरेन कर्मकार, प्रवीण सिन्हा, बीके झा, डिंपी टुडू, अजय राज जजवाड़े, अनुप पांडेय, अमित मिश्रा, लोकेश केशरी, प्रियंका कुमारी, मुन्ना पांडेय, शिशिर झा, रोहित गुप्ता, छोटेलाल किस्कू, मोती लाल मुर्मू, मो मुजीर आदि मौजूद थे.
कहां कितने का ट्रांजेक्शन प्रभावित हुआ
दुमका : 200 करोड़
देवघर : 125 करोड़
जामताड़ा : 100 करोड़
पाकुड़ : 80 करोड़
साहेबगंज : 70 करोड़
गोड्डा : 50 करोड़
मुख्य मांगें
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का निजीकरण व विलय प्रक्रिया रोका जाये
बैंकों के कॉरपोरेट एनपीए को खारिज नहीं किया जाये
एनपीए वसूली पर संसदीय सिफारिश लागू किया जाये
जानबूझ कर ऋण अदा नहीं करने वाले बड़े बकायेदारों को अपराधी घोषित किया जाये
चार्जेज के रूप में बैंक के ग्राहकों पर बोझ डालना बंद हो
सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप अनुकंपा बहाली सुनिश्चित किया जाये
पेंशन योजना में सुधार हो,
ग्रेच्युटी अधिनियम अंतर्गत ग्रच्युटी की अधिकतम सीमा हटायें और इसे पूर्ण रूप से आयकर मुक्त करें
एफआरडीआइ प्रस्तावित बिल वापस हो
बैंक बोर्ड ब्यूरो को अविलंब निरस्त किया जाये
कर्मचारी व अधिकारी निदेशकों का पद अतिशीघ्र भरा जाये
पाकुड़
