बैंक कर्मियों की मांगों में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को बचाने, सुधार के नाम पर बैंकों का निजीकरण नहीं करने, बैंकों के बड़े लोन बकायेदारों पर आपराधिक मामला दर्ज करने, बैंक के सभी संवर्गों में पर्याप्त भर्ती, प्रस्तावित एफआरडीआइ बिल की वापसी आदि शामिल है. यह जानकारी एआइबीइए के जिला महासचिव जीके जमुआर ने दी.
उन्होंने बताया कि यदि सरकार व आइबीए का रूख सकारात्मक नहीं रहा ताे अक्तूबर/ नवंबर-2017 में दो दिवसीय व उसके बाद अनिश्चतकालीन राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर जाने के लिए बैंक कर्मी बाध्य होंगे. वहीं दूसरी अोर, एसबीआई कर्मचारी एसोसिएशन, देवघर अंचल के उप महासचिव अजय शंकर ने एसबीआई समेत अन्य बैंक के कर्मियों के हड़ताल पर जाने की पुष्टि की है.
