देवघर : कई सरकारी कार्यालय में ऑनलाइन सेवा ठप होने से सरकार की जरूरी सेवाएं बाधित हाे गयी हैं. देवघर जिले के विभिन्न अंचलों में ऑनलाइन सेवा ठप है, इससे जमीन की रजिस्ट्री से लेकर ऑनलाइन म्यूटेशन तक का कार्य बाधित है. देवघर रजिस्ट्री ऑफिस में प्री-रजिस्ट्रेशन सेवा चालू होने के बाद से ही जमीन की रजिस्ट्री बंद है, जबकि विभिन्न अंचलों में जमीन के लगभग 700 म्यूटेशन रूके हुए हैं. इसमें देवघर अंचल का सर्वाधिक 492 म्यूटेशन का आवेदन पेंडिंग है, जिनका अब तक निष्पादन नहीं हो पाया है.
ऑफलाइन सेवाएं पूरी तरह बंद हो जाने से लोग अब ऑनलाइन सेवा पर ही निर्भर है, ऐसी परिस्थिति में यह सेवा चालू नहीं होने से आम लोगों की परेशानी बढ़ गयी है.
प्री-रजिस्ट्रेशन अनिवार्य
निबंधन विभाग से अब मैनुअल तरीके से पहले जमीन का ऑनलाइन प्री-रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया गया है. इसमें वेबसाइट के जरिये प्री रजिस्ट्रेशन में ऑनलाइन आवेदन देना आवश्यक है. लेकिन तकनीकी खामियों की वजह से पिछले 20 दिनों से देवघर में एक भी जमीन की रजिस्ट्री नहीं हुई है. अब तक प्री-रजिस्ट्रेशन की इस प्रक्रिया के जरिये एक भी आवेदन रजिस्ट्री ऑफिस तक नहीं आया है. अगर तकनीकी स्तर पर स्थिति यही रही तो निबंधन विभाग की ऑनलाइन प्री-रजिस्ट्रेशन की योजना सफल होने पर सवाल खड़ा हो सकता है. रजिस्ट्री बंद होने से देवघर में प्रतिदिन पांच से 10 लाख रुपये के राजस्व की क्षति पहुंची रही है.
सात माह में महज 70 म्यूटेशन
ऑनलाइन म्यूटेशन की सेवा राजस्व विभाग ने जनवरी 2017 में शुरू की थी, लेकिन इस ऑन लाइन सेवा की बदतर हालत यह है कि सात माह के दौरान पूरे जिले में लगभग 770 आवेदन आये, जिसमें महज 70 म्यूटेशन ही ऑनलाइन हो पाये. शेष 700 म्यूटेशन पेंडिंग है. इसमें कई म्यूटेशन के कई ऐसे आवेदन है, जो फरवरी व अप्रैल से विभिन्न अंचलों में पेंडिंग है. देवघर में 492, मोहनपुर में 45 व सारठ में 21 म्यूटेशन लंबे समय से पेंडिंग है.
