मधुपुर: यह बुजुर्ग से लगाव था या फिर कोई दूसरा मामला, मो इस्माइल (70) की मौत के बाद दो परिवारों में उसके अंतिम संस्कार को लेकर ठन गयी. जानकारी के अनुसार इस्माइल का कोई पुत्र नहीं था. उन्होंने मो मजीद को गोद लिया था. वे दुर्गापुर मस्जिद में खजांची थे. उनकी काफी जमीन-जायदाद अपने गांव केंदुआडीह व दुर्गापुर में थी.
सोमवार को जब शव आया तो उसे दफनाने को लेकर विवाद हो गया. दत्तक पुत्र मजीद और भाई-भतीजों जान मोहम्मद वगैरह ने शव को दफनाने के लिए दो अलग-अलग कब्रें खोद डालीं.
दोनों शव पर अपना हक जताते हुए उसे दफनाने की जिद पर अड़ गये. विवाद काफी बढ़ गया तो एसआइ संतोष कुमार झा गांव पहुंचे. लेकिन मामला उनसे भी नहीं सुलझ पाया. उसके बाद मधुपुर एसडीपीओ अशोक कुमार सिंह व पूर्व मंत्री हाजी हुसैन अंसारी पहुंचे. उन्होंने दोनों पक्षोें को समझाया. आखिरकार दत्तक पुत्र को शव को दफनाने का अधिकार दिया गया. तब जाकर अंतिम संस्कार हो सका. मामले में किसी पक्ष ने पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं करायी है.
