इसीएल चितरा के खनन क्षेत्रों में होगी पेयजल की विशेष सुविधा

देवघर : समाहरणालय में जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट(डीएमएफटी) की में खनन प्रभावित क्षेत्र व ट्रांसपोर्ट प्रदूषण क्षेत्रों का निर्धारण किया गया. ट्रांसपोर्ट प्रदूषण सारठ, पालोजोरी, मधुपुर व सोनारायठाढ़ी समेत देवघर नगर निगम के क्षेत्रों का निर्धारण किया गया है. साथ ही कहा गया कि आने वाले समय में इन प्रखंडों में खनन संबंधी कोई अप्रिय […]

देवघर : समाहरणालय में जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट(डीएमएफटी) की में खनन प्रभावित क्षेत्र व ट्रांसपोर्ट प्रदूषण क्षेत्रों का निर्धारण किया गया. ट्रांसपोर्ट प्रदूषण सारठ, पालोजोरी, मधुपुर व सोनारायठाढ़ी समेत देवघर नगर निगम के क्षेत्रों का निर्धारण किया गया है. साथ ही कहा गया कि आने वाले समय में इन प्रखंडों में खनन संबंधी कोई अप्रिय घटना नहीं हो इसके लिए राज्य सरकार पहले से ही सारी तैयारियां कर लेना चाह रही है. इसके अलावा डीएमएफटी के फंड से विकास कार्य भी किये जायेंगे.

बैठक में चितरा खनन क्षेत्र में प्राथमिकता के आधार पर पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा एक हजार चापानल लगाया जायेगा. साथ ही पालोजोरी, चितरा क्षेत्र में दो जलापूर्ति योजना पंडुवा व कस्की में शुरू की जायेगी. उन्होंने कहा कि डीएवी चितरा में आठ अतिरिक्त कमरा व एक ई-लर्निंग सेंटर का निर्माण कराया जायेगा. शहरजोरी गांव में एक बहुउद्देश्यीय भवन का भी निर्माण करया जायेगा.
पालोजोरी सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल में चार अतिरिक्त कमरे व प्लस टु उच्च विद्यालय खागा में चार अतिरिक्त कमरे का निर्माण किया जायेगा. मंत्री ने बताया कि इसीएल चितरा के खनन प्रभावित क्षेत्रों में सुविधा के लिए 29 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना है. बैठक में कृषि मंत्री रणधीर सिंह, जरमुंडी विधायक बादल पत्रलेख, डीसी राहुल कुमार सिन्हा, डीडीसी जन्मेजय ठाकुर आदि थे.

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