स्टाफ नर्स व एएनएम के भरोसे है सेवा
स्थायी चिकित्सक के बगैर चल रही है आइसीयू की व्यवस्था
बाथरूम में रहती है गंदगी
देवघर : सदर अस्पताल की आइसीयू व्यवस्था बदहाली की शिकार है. स्थायी तौर पर यहां चिकित्सक की नियुक्ति तक नहीं है. ऐसे में यहां की पूरी व्यवस्था की कमान इंचार्ज नर्स समेत तीन एएनएम पर टिकी है.
आइसीयू की हालत यह है कि वहां भरती मरीज से अधिक परिजन ही वार्ड पर कब्जा जमाए रहते हैं. भीतर का माहौल देखकर आपको एकबारगी यह समझ में नहीं आता है कि यह अस्पताल का आइसीयू है या जेनरल वार्ड. आइसीयू के अंदर एक ही बाथरूम है. यह मरीजों के लिये है या स्टाफ के लिये, यह भी पता नहीं चलता. यह अक्सर गंदगी से बजबजाता रहता है.
सीएस ने कहा
थोड़ी अव्यवस्था है उसे दूर कर लिया जायेगा. डॉक्टर प्रतिनियुक्ति पर हैं. स्थायी रूप से ट्रेंड डॉक्टर की पोस्टिंग के लिए विभाग को पत्राचार करेंगे.
डॉ एससी झा, सीएस देवघर
परिजनों के कहने भर से ही मरीज शिफ्ट होता जाता है आइसीयू में
सदर अस्पताल के आइसीयू में किस मरीज को शिफ्ट कराना है, यह डॉक्टर तय नहीं कर पाते. दुर्घटना में आये गंभीर मरीजों व सांस लेने में तकलीफ होने पर एक-दो गंभीर मरीजों को छोड़कर वीआइपी ट्रीटमेंट लेने वाले परिजनों की डिमांड होती है और ऑन ड्यूटी डॉक्टर मरीज को सीधे आइसीयू में भेजने की सलाह लिख देते हैं. इसके बाद मरीज के परिजन अंदर आइसीयू के अन्य खाली बेड पर भर जाते हैं. वहीं उसे देखने के लिये आने-जाने वालों का भी तांता लगना शुरू हो जाता है. ऐसे में आइसीयू के अंदर संक्रमण का खतरा रहता है.
श्रावणी मेले में हुई थी डॉक्टर की प्रतिनियुक्ति : सावन व भादो मेला के लिए सारठ सीएचसी के डॉ जियाउल हक की प्रतिनियुक्ति आइसीयू में हुई है. डॉ हक रोजाना सुबह-शाम राउंड लगाने आते हैं. इसके बाद अगर मरीज को लेकर कोई समस्या होती है तो स्टाफ मोबाइल पर एडवाइस लेकर काम चलाते हैं. वहीं गंभीर मरीज आने पर उन्हें ऑन कॉल भी बुलाया जाता है.
