देवघर: देवघर नगर निगम में इन दिनों टेंडर-टेंडर का खेल चल रहा है. वित्तीय वर्ष 2016-17 और 2017-18 के लिए जो टेंडर निकाला गया है, उसमें व्यापक अनियमितता का आरोप लगाया गया है. एक अधिकारी ने बिचौलियों की मिलीभगत से नियमों की अनदेखी व असंवैधानिक रूप से अधिकृत कमेटी से प्रस्ताव पारित किये बिना चहेते संवेदकों को कार्य आवंटन कर दिया है. उक्त बातें नगर आयुक्त को लिखे शिकायत पत्र में पिछड़ा वर्ग संघर्ष मोरचा के प्रदेश महासचिव ने कही है.
अधिकार से बाहर जाकर काम कर रहे अभियंता: श्री राउत ने कहा कि पिछले दिनों तकरीबन 10 करोड़ से भी अधिक का टेंडर निकला. जिसमें पीसीसी सड़क, पुलिया, नाला आदि का निर्माण शामिल है. इस टेंडर के क्लीयरेंस और कार्य आवंटन में संवेदकों की श्रेणीवार वरीयता को दरकिनार कर लाभ लेने तथा लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से योजना आवंटित की जा रही है.
टेंडर से जुड़े एक वरीय अधिकारी अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर काम कर रहे हैं. विभागीय अधिसूचना के मुताबिक निगम के वरीय अभियंता को एक करोड़ तक का टेंडर फाइनल करने का अधिकार प्राप्त है, लेकिन निगम में उन्होंने दो करोड़ तक की निविदा न सिर्फ फाइनल की बल्कि कार्य आवंटन में भी संवेदकों को पीक एंड चूज किया.
मोरचा के महासचिव ने नगर आयुक्त से इस संबंध में आरटीआइ से भी जानकारी मांगी है. उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने का आग्रह किया है. पत्र की प्रतिलिपि मुख्य सचिव, प्रधान सचिव व सचिव नगर विकास, महामहिम राज्यपाल सहित आयुक्त व डीसी को भी भेजा गया है.
