इस अवसर पर एईएन एसके गुप्ता ने कहा कि ग्रीन कॉरिडोर घोषित होने से रेलवे का ट्रैक अब जल्दी खराब नहीं होगा. इसकी आयु बढ़ जायेगी. ट्रेक मैन को काम करने में सुविधा होगा. साथ ही इससे स्वच्छता मिशन का लक्ष्य भी पूरा होगा. उन्होंने कहा कि मार्च 2018 तक कई और रेलखंड ग्रीन कॉडिडोर के रूप में घोषित होगा. जबकि 21-22 तक देश का सभी रेलखंड ग्रीन कॉरिडोर होगा.
मधुपुर-गिरिडीह रेलखंड की स्लीपर व एसी बोगी में लगेंगे बायो टॉयलेट
मधुपुर: स्वच्छता अभियान को गति देने के लिए रेल मंत्रालय ने गिरिडीह-मधुपुर रेलखंड को ग्रीन कॉडिडोर के रूप में घोषित कर दिया. 38 किलोमीटर लंबे इस रेलखंड पर गुजरने वाली ट्रेन के स्लीपर व एसी बॉगी में अब बायो टॉयलेट की सुविधा होगी. जिससे चलती ट्रेन में गंदगी व मल मूत्र रेलवे ट्रैक पर नहीं […]

मधुपुर: स्वच्छता अभियान को गति देने के लिए रेल मंत्रालय ने गिरिडीह-मधुपुर रेलखंड को ग्रीन कॉडिडोर के रूप में घोषित कर दिया. 38 किलोमीटर लंबे इस रेलखंड पर गुजरने वाली ट्रेन के स्लीपर व एसी बॉगी में अब बायो टॉयलेट की सुविधा होगी. जिससे चलती ट्रेन में गंदगी व मल मूत्र रेलवे ट्रैक पर नहीं गिरेगा. गुरुवार को दिल्ली में रेल मंत्री सुरेश प्रभु द्वारा विधिवत घोषणा के बाद मधुपुर स्टेशन परिसर में भी एक समारोह आयोजित किया गया.
स्टेशन प्रबंधक एसके सिन्हा ने कहा कि गिरिडीह-मधुपुर ट्रेन में अब से जो भी स्लीपर व एसी डिब्बे लगे हैं. उन सभी में बायो टॉयलेट की व्यवस्था है. इसके अलावे उक्त ट्रेन जो सामान्य बोगी है, वह पीजी कोच होगा. जिसमें इएमयू की तरह टॉयलेट नहीं होगा. मौके पर आसनसोल एएमई मुकेश कुमार, कैरज एण्ड वैगन अधीक्षक राम प्रकाश, मालबाबू राहुल गांधी, पीडब्लूआई के अभियंता राज कुमार, आसनसोल के एएसटीई, टीआई सेफ्टी आदि मौजूद थे.