देवघर: मंगलवार को लोकसभा गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने संताल परगना के विभिन्न लंबित सिंचाई योजनाओं का मुद्दा उठाया. जिसमें पुनासी जलाशय योजना, बुढैई जलाशय योजना, त्रिवेणी बीयर, सुग्गाबथान, सुन्दर, हरणा,कझिया, सैदापुर, तरडीहा, कृष्णासागर, त्रिकुट, राजाबांध, डहवा, दरुआ, कालीपुर, भुरभुरी, बिशनपुर, जमुनिया, परगेडीह, पकरिया योजनाएं शामिल है.
सांसद ने लोकसभा में केंद्र सरकार से मांग की है कि देवघर व गोड्डा के अलावा संताल के अन्य जिले में कई योजनाओं पर कई वर्षों से काम चल रहा है. इन योजनाओं को वित्तीय मदद की जरूरत है. सिर्फ राज्य सरकार इतनी संख्या में सिंचाई योजनाओं को पूरा नहीं करवा सकती है न ही उतना खर्च उठा सकती है. इसलिए केंद्र सरकार झारखंड की इन सिंचाई परियोजनाओं को वित्तीय मदद दे ताकि यथाशीघ्र इसे पूरा किया जा सके. यही कारण है कि राज्य सरकार अभी कोई नया सिंचाई प्रोजेक्ट स्वीकृत करने के पक्ष में नहीं है.
सांसद ने कहा कि 16 रिवर बेसिन में तकरीबन 10 सिंचाई योजनाएं संताल परगना में अत्यंत आवश्यक हैं. झारखंड स्टेट इरिगेशन कमीशन ने इसे उचित माना है.
ये प्रोजेक्ट्स हैं जरूरी : कालीपुर जलाशय योजना : मोतिहारा नदी, भुरभुरी जलाशय योजना : भुरभुरी नदी, बिशनपुर जलाशय योजना : टेपरा नदी, जमुनिया जलाशय योजना : जमुनिया नदी, बांसलेइ जलाशय योजना : परगोडीह(पोड़ैयाहाट) : डुमरिया बीयर गोड्डा, पकरिया बीयर : गोड्डा, सुग्गाबथान जलाशय योजना व कृष्णासागर जलाशय योजना.
जिन परियोजनाओं को चाहिए केंद्रीय मदद
पुनासी जलाशय योजना, त्रिवेणी : ब्रिक लिंकिंग टेंडर होने का इंतजार, सुग्गाबथान : डीपीआर बन रहा है, इस प्रोजेक्ट पर 1978 से ही काम चल रहा है, सुंदर डैम : कमांड एरिया को पानी नहीं मिल रहा, प्रतिवर्ष कांट्रेक्टर को 4-5 करोड़ दिया जा रहा, हरना बीयर : 1980 से ही बंद, बुढैई जलाशय : फाउंडेशन स्टोन 1978 में रखा गया. सीडब्ल्यूसी से क्लीयरेंस का इंतजार, सैदपुर और तारडीह बीयर : डीपीआर का इंतजार, डढ़वा और डहुआ बीयर : 13वें वित्त आयोग से राशि मिली, राजा बांध और महगामा कनाल : 1985 से पेंडिंग, माइनर इरिगेशन के 200 लिफ्ट इरिगेशन, पांच बड़े तालाब, आरआरआर के तहत केंद्रीय सहायता और एआइबीपी के अंतर्गत श्रृंखलाबद्ध चेक डैम आदि.
