देवघर: नाबालिग का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने के दोषी पाये गये कुमार विनय आनंद को कोर्ट ने 10 साल की सश्रम सजा सुनायी है. सेशन जज दो कृष्ण कुमार की अदालत ने सेशन ट्रायल नंबर 229/2009 की सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया. साथ ही 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया […]
देवघर: नाबालिग का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने के दोषी पाये गये कुमार विनय आनंद को कोर्ट ने 10 साल की सश्रम सजा सुनायी है. सेशन जज दो कृष्ण कुमार की अदालत ने सेशन ट्रायल नंबर 229/2009 की सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया. साथ ही 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है.
जुर्माना की राशि पीड़ित नाबालिग को दी जायेगी. यह राशि आरोपित अगर भुगतान नहीं करता है तो उसे छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी. सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष से कुल छह गवाह प्रस्तुत किये गये व दोष सिद्ध करने में सफल रहे. अभियोजन पक्ष से अपर लोक अभियोजक ब्रह्मदेव पांडेय व बचाव पक्ष से वरीय अधिवक्ता अमर कुमार सिंह ने पक्ष रखा. दर्ज प्राथमिकी में नाबालिग छात्रा का अपहरण कर अन्यत्र ले जाने व दुष्कर्म करने का आरोप लगाया गया था, जो ट्रायल के दौरान सही पाकर यह सजा दी गयी.
क्या था मामला : नगर थाना क्षेत्र के नंदन पहाड़ के समीप स्थित एक मुहल्ले से आठवीं कक्षा की नाबालिग छात्रा को भगा कर ले जाने व उसके साथ दुष्कर्म की घटना हुई थी. इसमें कुमार विनय आनंद ने आरोपित बनाया गया था. छात्रा की उम्र महज 13 साल होने का उल्लेख प्राथमिकी में है. आरोपित बांका जिले के चांदन थाना के डढ़वा गांव का रहने वाला है जो देवघर के एक लॉज में रह कर पढ़ाई कर रहा था. इसी क्रम में नाबालिग छात्रा का अपहरण कर उक्त घटना को अंजाम दिया.
पीड़िता के पिता के बयान पर नगर थाना में कांड संख्या 117/2008 दर्ज दिनांक 19 मई 2008 को दर्ज किया गया व कुमार विनय आनंद को अारोपित बनाया गया. अनुसंधान के बाद पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया. इसके बाद केस ट्रायल के लिए सेशन कोर्ट भेजा गया. जहां भादवि की धारा 376 (2) (एन) में 10 वर्ष सश्रम व भादवि की धारा 363 में तीन वर्ष की सजा सुनायी गयी. दोनों सजा साथ-साथ चलेगी.