बमकांड में मारे गये भीम के सिम का साइबर ठगी में इस्तेमाल

देवघर: मोहनपुर थाना क्षेत्र के मनसायराय कुरैवा गांव निवासी पारा शिक्षक भीम यादव के मोबाइल व सीम कार्ड का इस्तेमाल छत्तीसगढ़ में करीब एक लाख की साइबर ठगी में की गयी है. पारा शिक्षक भीम यादव की हत्या 17 मार्च 2017 को बम मारकर कर दी गयी थी. हत्या के 10 दिनों बाद ही भीम […]

देवघर: मोहनपुर थाना क्षेत्र के मनसायराय कुरैवा गांव निवासी पारा शिक्षक भीम यादव के मोबाइल व सीम कार्ड का इस्तेमाल छत्तीसगढ़ में करीब एक लाख की साइबर ठगी में की गयी है. पारा शिक्षक भीम यादव की हत्या 17 मार्च 2017 को बम मारकर कर दी गयी थी. हत्या के 10 दिनों बाद ही भीम के मोबाइल में लगे सीम कार्ड से साइबर ठगों ने बैंक अधिकारी बनकर फोन कर छत्तीसगढ़ में एक महिला से लगभग एक लाख रुपये की ठगी की है.

बुधवार को छत्तीसगढ़ पुलिस मनसाराय कुरैवा गांव में भीम यादव को खाेजते हुए उसके घर पहुंची, परिजनों से जब भीम यादव के बारे में जानकारी मांगी तो छत्तीसगढ़ पुलिस भी भीम की हत्या की बात सुनकर कुछ देर के लिए हैरान हाे गयी. छत्तीसगढ़ पुलिस ने मोहनपुर थाना प्रभारी दीपक कुमार से पुष्टि के लिए संपर्क किया तो थाना प्रभारी ने कहा दिया कि भीम यादव की हत्या हो चुकी है.

छत्तीसगढ़ पुलिस भीम यादव के आधार कार्ड की कॉपी व थाना में हत्या संबंधित केस नंबर को कलेक्ट कर लिया. छत्तीसगढ़ पुलिस के अनुसार भीम की हत्या के दस दिनों बाद ही उसके मोबाइल व सीम कार्ड का इस्तेमाल किसी ने साइबर ठगी में किया है. पुलिस अब उस साइबर ठग की तलाश में जुटी है.
कहते हैं थाना प्रभारी
मोहनपुर थाना प्रभारी दीपक कुमार ने बताया कि साइबर ठगी के मामले में छत्तीसगढ़ पुलिस को मनसाराय कुरैवा गांव के भीम यादव की तलाश थी. छत्तीसगढ़ पुलिस को जानकारी दी जा चुकी है कि भीम की हत्या हो चुकी है. उसके बाद छत्तीसगढ़ पुलिस भीम के आइडी का सत्यापन कर वापस देवघर लौट गयी.

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