अिनयमितता . सीबीएसइ की दोहरी नीति से विद्यार्थियों व अभिभावकों को आर्थिक नुकसान
वेरिफिकेशन व कंपार्टमेंटल फॉर्म भरने के नाम पर बोर्ड ने वसूल की मोटी रकम
वेरिफिकेशन के लिए तीन लाख, उत्तरपुस्तिका के लिए आठ लाख व कंपार्टमेंटल फॉर्म भरने के लिए 12 लाख रुपये वसूले
देवघर : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से जारी 2017 की 12वीं के परीक्षा परिणाम में अनुमान के मुताबिक संताल परगना के करीब एक हजार परीक्षार्थियों को अनुत्तीर्ण कर दिया गया. विद्यार्थियों ने वेरिफिकेशन के लिए पांच जून तक ऑनलाइन फॉर्म भरे व चालान भी जमा किये. निजी स्कूल प्रबंधन ने एक परीक्षार्थी से औसतन एक विषय के वेरिफिकेशन के लिए तीन सौ रूपये वसूल किये. उत्तरपुस्तिका उपलब्ध कराने के लिए आठ सौ रूपये अलग से लिये गये.
वेरिफिकेशन का रिजल्ट जारी किये बगैर ही कंपार्टमेंटल परीक्षा का फॉर्म भरने से संबंधित तिथि जारी कर दी गयी. इसके लिए तिथि 14 से 20 जून तक निर्धारित की गयी थी. इससे परीक्षार्थियों के अलावा उनके माता-पिता व अभिभावक भी परेशान रहे. उन्होंने अपने बच्चों के भविष्य का ख्याल करते हुए कंपार्टमेंटल परीक्षा के लिए फॉर्म भी भरा दिया. निजी स्कूल प्रबंधनों ने ऑनलाइन एक विषय का परीक्षा फॉर्म भरने के नाम पर प्रत्येक परीक्षार्थी से औसतन 12 सौ रुपये वसूल किये. यानि वेरिफिकेशन के नाम पर करीब तीन लाख रुपये, वेबसाइट पर उत्तरपुस्तिका उपलब्ध कराने के नाम पर करीब आठ लाख रुपये एवं कंपार्टमेंटल फॉर्म भरने के नाम पर करीब 12 लाख रुपये वसूले गये. परीक्षार्थियों के माता-पिता व अभिभावकों का कहना है कि बोर्ड पहले वेरिफिकेशन का रिजल्ट जारी करता. उसके बाद कंपार्टमेंटल परीक्षा फॉर्म भरने की तिथि जारी करता. लेकिन, ऐसा नहीं करने से माता-पिता व अभिभावकों को आर्थिक
नुकसान हुआ.
