देवघर : बाजला चौक स्थित एसबीआइ के पीबी शाखा डकैती कांड का उदभेदन पुलिस ने कर लिया है. घटना में शामिल छह आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. वहीं घटना के मास्टर माइंड सुनील दास अब भी फरार है. बुधवार को नगर थाना में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में एसपी ए विजयालक्ष्मी ने इसकी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि पहली जून को बैंक शाखा से 17 लाख डकैती हुई थी. घटना के बाद से ही इसमें शामिल अपराधियों की तलाश की जा रही थी. एसडीपीअो दीपक कुमार पांडेय के नेतृत्व में आठ सदस्यीय टीम लगातार आसपास के क्षेत्रों मेें छापेमारी कर रही थी. डकैती कांड में आंध्रा बैंक अनुबंध कर्मी दशरथ दास व पीबी शाखा में कार्यरत दीपक दास भी शामिल थे.
जेल में बनी थी योजना : एसपी ने बताया कि सुनील दास पहले भी बैंक डकैती की योजना बनाते गिरफ्तार होकर जेल गया था. जेल में ही अपने साथी उपेंद्र के साथ डकैती की योजना बनायी.
अनुबंधकर्मी दीपक के साथ मिलकर किया था रेकी : सुनील दास जेल से छूटने के बाद डकैती के 15 दिन पहले ही बैंक में अनुबंध के आधार पर कार्यरत अपने परिजन दीपक के साथ बैंक पहुंचा. खाता खुलवाने के नाम पर बैंक मैनेजर से मिला तथा चेस्ट तक की रेकी की. इसके बाद घटना को अंजाम दिया.
कौन-कौन थे टीम में शामिल
टीम में जसीडीह थाना प्रभारी सह पुलिस इंसपेक्टर श्याम कुमार महतो, नगर थाना प्रभारी सह इंस्पेक्टर अरविंद उपाध्याय, नगर अंचल के इंस्पेक्टर टीएन झा, मोहनपुर अंचल के इंस्पेक्टर राजेश सिन्हा, कुंडा थाना प्रभारी राजीव रंजन, मोहनपुर थाना प्रभारी दीपक कुमार, नगर थाना के एएसआई मदन चौधरी समेत आधा दर्जन जवान शामिल थे.
इनकी हुई गिरफ्तारी
डकैती कांड में शामिल आठ में से छह अपराधियों में गुल्लीपाथर निवासी शाहिल शेख उर्फ सोनू खान, धनगौर निवासी केदार दास, पागलबाबा क्षेत्र का कन्हैया सिंह, जनकपुर(जसीडीह) निवासी लाडला दास, सगदाहा निवासी दीपक दास व जसीडीह कानपुर निवासी दशरथ दास को योगडीहा के जंगली क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया.
सिम को तोड़ दिया था अपराधियों ने : बैंक कर्मियों का मोबाइल सिम सहित तोड़कर फेंक दिया गया, जिसे बरामद नहीं किया जा सका.
क्या-क्या हुआ बरामद
एक देसी लोडेड पिस्टल, तीन गोलियों के साथ तीन देसी कट्टा, बैंक से लूटा गया सीपीयू, दो हजार के 20 रुपये वाली बंडल, तीन मोबाइल, अपराध में प्रयुक्त दो बाइक, घटना को अंजाम देते वक्त पहना गया कपड़ा
