पंचायत पीरी के हांहे व लोसोदाग गांव में सड़क नहीं

पगडंडी के सहारे की आना-जाना करते हैं लोग

पगडंडी के सहारे की आना-जाना करते हैं लोग सिमरिया. प्रखंड की सुदूरवर्ती पंचायत पीरी के हांहे व लोसोदाग सहित आधा दर्जन गांव के लोग पगडंडी के रास्ते से आवागमन करने को मजबूर हैं. पगडंडी रास्ते भी खराब होने लगे हैं. हल्की बारिश होने पर यह कीचड़ में तब्दील हो जाती है. इस रास्ते से दोनों गांवों के अलावा टुटकी, लाजीदाग, मसूरिया, कोबियाडीह व बकचोमा गांव के लोगों को आना-जाना होता है. सड़क के अभाव में 1500 आबादी प्रभावित हो रही है. इन गांवों में आदिवासी व गंझू जाति के लोग निवास करते हैं. लोगों को गांव में उत्पादित साग सब्जियों को पीरी, शिला, सिमरिया व हजारीबाग बाजार ले जाने में काफी दिक्कत हो रही है. वहीं स्कूल, कॉलेज जाने वाले बच्चों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. पगडंडी रास्ता की लंबाई पांच किमी है. ग्रामीण छह साल से सड़क बनाने की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन ग्रामीणों की समस्या का समाधान नहीं हो रहा है, जिससे ग्रामीणों में जनप्रतिनिधियों के प्रति रोष है. ग्रामीणों ने कहा : लोसोदाग निवासी नारायण गंझू ने कहा कि सड़क सपना बनकर रह गया है. सड़क नहीं रहने से दूसरे गांव के लोग यहां रिश्ता करने से कतराते हैं. शादी विवाह में काफी परेशानी झेलनी पड़ती है. बिनोद तिर्की ने कहा कि सड़क नहीं बनने से हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. अमित लिंडा, अनंजय एक्का व विमल उरांव ने कहा कि पगडंडी से आने जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. सरकार व प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है. हांहे गांव निवासी लक्ष्मी भोगता, मोहन गंझू, टुटकी निवासी संजय यादव, दानों उरांव, अनिल तिग्गा, उमेश यादव ने जिला प्रशासन से सड़क बनाने की मांग की.

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By DEEPESH KUMAR

DEEPESH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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