मानवाधिकार आयोग के गठन का उद्देश्य सभी को समानता मिले : सचिव

मानवाधिकार आयोग के गठन का उद्देश्य तभी सफल माना जायेगा, जब प्रत्येक नागरिक का जीवन गरिमामय हो और हर व्यक्ति यह महसूस करें कि वह सुरक्षित स्वतंत्र और समान है.

फोटो 10सीएच 6:कार्यक्रम मे शामिल प्रशिक्षु चतरा. मानवाधिकार आयोग के गठन का उद्देश्य तभी सफल माना जायेगा, जब प्रत्येक नागरिक का जीवन गरिमामय हो और हर व्यक्ति यह महसूस करें कि वह सुरक्षित स्वतंत्र और समान है. उक्त बातें लाला प्रीतम बीएड कॉलेज के सचिव लाला प्रसाद साहू ने कॉलेज के सभागार में कही. कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि प्रो ललिता कुमारी ने अपने व्याख्यान में मानवाधिकार के व्यापक रूपों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समाज में रहने वाले प्रत्येक नागरिक का यह कर्तव्य होता है. दूसरों का सम्मान करना, भेदभाव नहीं करें. न्याय के खिलाफ आवाज उठाना, कमजोर व अभिवंचित वर्ग के लोगों का साथ देना जैसी नैतिक जिम्मेदारियां निभानी चाहिए. व्याख्याता बबीता कुमारी ने कहा कि मानवाधिकार सामाजिक जीवन की वे परिस्थितियां हैं जिनके बिना कोई भी मनुष्य अपना विकास नहीं कर सकता है. व्याख्याता रंजीत कुमार, पिंकी कुमारी, उपेंद्र कुमार, अंजलि कुमारी, काजल कुमारी अनु कुमारी, रवि कुमार, राणा सुधांशु, कुमार पांडे, सपना कुमारी, फरहीन जहां के द्वारा विभिन्न प्रकार की कलाकृतियों के माध्यम से शिक्षण अधिगम की प्रक्रिया के द्वारा मानवाधिकार के प्रयोग और उपयोग के प्रति जागरूक होने के लिए प्रेरित किया. कार्यक्रम को सफल बनाने में राजेश्वर साव, गुलजार हुसैन ,प्रकाश कुमार, नूतन कुमारी, डॉ जेडी मिश्रा , प्रशिक्षु पुनीत कुजूर, साधना, अनु काजल ,पल्लवी, निशि, श्वेता, बिपाशा, कुमकुम, प्रीति, रवि, रोहित ने सहयोग किया.

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Author: VIKASH NATH

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