वार्ड 22 में विकास की रफ्तार धीमी, मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे लोग प्रतिनिधि, चतरा नगर परिषद चुनाव को लेकर शहर में चुनावी सरगर्मी चरम पर है. गली-मोहल्लों से लेकर चौक-चौराहों तक चुनावी चर्चा का माहौल है. वार्ड पार्षद और अध्यक्ष पद के प्रत्याशी मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए लगातार जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं. मतदाताओं में भी इस बार खासा उत्साह देखा जा रहा है. इसी क्रम में प्रभात खबर की टीम ने शनिवार को वार्ड संख्या 22 पहुंचकर जमीनी हकीकत का जायजा लिया. वार्ड में कुछ क्षेत्रों में विकास कार्य जरूर हुए हैं, लेकिन अपेक्षा के अनुरूप बदलाव नहीं दिखता. स्थानीय लोग अब भी कई बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे हैं. वार्ड में साफ-सफाई की व्यवस्था नियमित नहीं है. सड़क किनारे कचरे का अंबार नजर आता है, जिससे लोगों को दुर्गंध और गंदगी की समस्या झेलनी पड़ती है. नालियों की समुचित सफाई नहीं होने से जल जमाव की स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है. सबसे बड़ी समस्या स्ट्रीट लाइट की है. वार्ड के कई हिस्सों में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं है. शाम ढलते ही अंधेरा छा जाता है, जिससे राहगीरों और स्थानीय लोगों को परेशानी होती है. महिलाओं और बुजुर्गों को विशेष रूप से असुविधा का सामना करना पड़ता है. गौरतलब है कि वार्ड संख्या 22 इस बार बीसी वन (अन्य) के लिए आरक्षित है. वर्ष 2018 के चुनाव में यह वार्ड सामान्य (महिला) के लिए आरक्षित था. निवर्तमान वार्ड पार्षद कविता देवी इस बार चुनाव मैदान में नहीं हैं, जिससे नए प्रत्याशियों के बीच मुकाबला रोचक होता जा रहा है.अब देखना यह है कि मतदाता इस बार विकास के मुद्दों को कितना महत्व देते हैं और किसे अपनी बागडोर सौंपते हैं. आंकड़ो में वार्ड 22 की तस्वीर कुल मतदाता- 1807 पुरूष- 944 महिला- 863 थर्ड जेंडर- 00 कुल मतदान केंद्र- 02 कुल मुहल्लो की संख्या- 03 (पनसलवा, डुमरिया अहरा, आरामील देवी मंडप) लोगो ने कहा संतोष कुमार ने कहा कि वार्ड का कुछ विकास हुआ है और जरूरत है. कभी गैस तो कभी पाइप लाइन को लेकर सड़क कोड़ दिया जाता है, जिससे दिक्कत होती है. स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था नहीं है. महादेव साव ने कहा कि वार्ड में कोई विकास काम नहीं हुआ है. पानी की समस्या बरकरार है. गर्मी के दिनो में पेयजल संकट से जूझना पड़ता है. कभी कभार ही साफ-सफाई होती है. स्ट्रीट लाइट नहीं लगायी गयी है. विकास कुमार ने कहा कि जरूरतमंदों को प्रधानमंत्री आवास का लाभ नहीं मिल पाया है. कभी कभार ही साफ-सफाई व कचरा वाहन पहुंचता है. स्ट्रीट लाइट खराब पड़ी हुई है. चापानल खराब होने पर खुद से चंदा इकट्ठा कर बनाना पड़ता है. रामनरेश साव ने कहा कि वार्ड का थोड़ा बहुत विकास हुआ है. नाली की स्थिति खराब है. कचरा का उठाव नहीं होता है. जिसके कारण सड़क पर कचरा पसरा रहता है. नियमित साफ-सफाई नहीं होती है. नाली हमेशा बजबजाती रहती है. पूर्व वार्ड पार्षद का दावा निवर्तमान वार्ड पार्षद कविता देवी ने कहा कि वार्ड का विकास किया गया है. जरूरतमंदों को पीएम आवास व पेंशन का लाभ दिया गया है. नियमित रूप से साफ-सफाई कराया जाता है. पनसलवा के पास मिनी पार्क व वेडिंग जोन बनाया गया है.
सफाई व्यवस्था बदहाल, स्ट्रीट लाइट तक नहीं लगी
वार्ड 22 में विकास की रफ्तार धीमी, मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे लोग
