चतरा. सदर अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस की स्थिति बेहद चिंताजनक है. यहां शव रखने वाला फ्रीजर लंबे समय से खराब पड़ा हुआ है, जिसके कारण शवों को बिना शीत भंडारण के ही रखा जा रहा है. इससे न केवल दुर्गंध फैलती है बल्कि अस्पताल परिसर में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को भी असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है. गुरुवार को जब शव पोस्टमार्टम कराने आए लोग गंदगी और दुर्गंध से रूबरू हुए तो उन्होंने नाराजगी जताते हुए विरोध किया. उनका कहना था कि शव को अधिक समय तक बिना फ्रीजर के रखने से स्थिति और खराब हो जाती है. पोस्टमार्टम हाउस के आसपास गंदगी पसरी हुई है और वेस्ट सामान इधर-उधर फेंका हुआ है. दुर्गंध इतनी तीव्र होती है कि वहां कुछ देर खड़ा रहना भी मुश्किल हो जाता है. गिद्धौर प्रखंड के बारीसाखी पंचायत के उप मुखिया विकास पांडेय ने बताया कि गांव के मनोहर राणा की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद शव को शाम छह बजे अस्पताल लाया गया, लेकिन रातभर बिना फ्रीजर के ही रखा गया. इस दौरान वीरेंद्र यादव, सुशांत कुमार, पवन पासवान, शिवबालक मांझी समेत अन्य लोगों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से तत्काल फ्रीजर की मरम्मत कराने, कचरा प्रबंधन सुधारने और स्वच्छता पर ध्यान देने की मांग की. मरीजों के बीच से गुजरते हैं शव एक अन्य गंभीर समस्या यह है कि पोस्टमार्टम हाउस तक जाने के लिए अलग रास्ता नहीं है. शवों को अस्पताल परिसर के मुख्य रास्ते से ही ले जाया जाता है, जिससे इलाज कराने आए मरीजों और उनके परिजनों को असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है. कई बार जब अधिक दिनों पुराना शव मरीजों के बीच से गुजरता है तो अफरा-तफरी का माहौल बन जाता है. लोगों ने इस समस्या के समाधान के लिए अलग रास्ता बनाने की मांग की है. एजेसी को जानकारी दे दी गयी है अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. पंकज कुमार ने बताया कि फ्रीजर सप्लाई करने वाली एजेंसी को खराबी की जानकारी दे दी गयी है और संभावना है कि होली के बाद इसे ठीक कर दिया जायेगा. उन्होंने कहा कि साफ-सफाई कराई जाती है और पोस्टमार्टम हाउस तक पहुंचने के लिए अलग सड़क बनाने की प्रक्रिया भी शुरू की गयी है.
सदर अस्पताल में शव रखने वाला फ्रीजर खराब, शव से निकलने लगता हैं दुर्गंध

सदर अस्पताल में शव रखने वाला फ्रीजर खराब, शव से निकलने लगता हैं दुर्गंध
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सदर अस्पताल में शव रखने वाला फ्रीजर खराब, शव से निकलने लगता हैं दुर्गंध