चतरा से दीनबंधू की रिपोर्ट
Chatra News: झारखंड के चतरा जिले में बकरीद के मौके पर सोशल मीडिया में भड़काऊ पोस्ट करने वालों की खैर नहीं होगी. अगर किसी ने भड़काऊ पोस्ट की, तो प्रशासन की ओर से सख्त कार्रवाई की जाएगी. इसके लिए शनिवार को चतरा में ईद-उल-जुहा (बकरीद) 2026 को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है. पर्व के दौरान सोशल मीडिया पर भड़काऊ, आपत्तिजनक या अफवाह फैलाने वाले पोस्ट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.
उपायुक्त की अध्यक्षता में बैठक
इसी को लेकर शनिवार को समाहरणालय सभा कक्ष में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रवि आनंद ने की. बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई, पेयजल, बिजली आपूर्ति, यातायात और अन्य आवश्यक तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई. उपायुक्त ने कहा कि ईद-उल-जुहा आपसी भाईचारे, सामाजिक सौहार्द और शांति का पर्व है. सभी लोग मिल-जुलकर त्योहार मनाएं और किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें. उन्होंने अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में शांति समिति की बैठक आयोजित करने और संवेदनशील इलाकों में जरूरत के अनुसार फ्लैग मार्च करने का निर्देश दिया.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रशासन की पैनी नजर
बैठक में पुलिस अधीक्षक अनिमेश नथानी ने साफ कहा कि पर्व के दौरान जिले में विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहेगा. उन्होंने कहा कि फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम समेत अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विशेष निगरानी रखी जाएगी. यदि कोई व्यक्ति भ्रामक, आपत्तिजनक या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली पोस्ट शेयर करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
बिना किसी वेरिफिकेशन के पोस्ट फॉरवर्ड न करें: एसपी
एसपी ने लोगों से अपील की कि बिना सत्यापन किसी भी पोस्ट को फॉरवर्ड या साझा न करें. उन्होंने कहा कि कई बार अफवाहें सोशल मीडिया के जरिए तेजी से फैलती हैं, जिससे तनाव की स्थिति पैदा हो सकती है. ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. पुलिस प्रशासन ने आम लोगों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यदि किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर संदिग्ध या भड़काऊ पोस्ट दिखाई दे, तो इसकी सूचना तुरंत स्थानीय थाना या प्रशासन को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके.
संवेदनशील इलाकों में ड्रोन से होगी निगरानी
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि बकरीद के दौरान जिले के संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार गश्ती अभियान चलाया जाएगा. इसके साथ ही जरूरत पड़ने पर ड्रोन कैमरों के माध्यम से भी निगरानी की जाएगी. सभी थाना प्रभारियों को क्षेत्र में लगातार निगरानी रखने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है. प्रशासन का उद्देश्य त्योहार के दौरान किसी भी तरह की अफवाह, तनाव या विवाद की स्थिति को समय रहते नियंत्रित करना है.
साफ-सफाई और अपशिष्ट निष्पादन पर भी जोर
बैठक में साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर भी विशेष चर्चा की गई. उपायुक्त रवि आनंद ने निर्देश दिया कि मांस, मछली और मुर्गा विक्रेता अपशिष्ट सामग्री का निष्पादन केवल निर्धारित स्थलों पर ही करें. उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थलों, सड़कों और नालियों में अपशिष्ट फेंकने से कई बार विवाद की स्थिति उत्पन्न हो जाती है. इसके अलावा जानवर इन अवशेषों को इधर-उधर ले जाते हैं, जिससे लोगों की भावनाएं आहत हो सकती हैं और अनावश्यक तनाव पैदा हो सकता है. उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को नियमित निगरानी करने और लापरवाही बरतने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
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कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक में जिला परिषद अध्यक्षा ममता कुमारी, उप विकास आयुक्त अमरेन्द्र कुमार सिन्हा, अपर समाहर्ता अरविंद कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी जहूर आलम, अनुमंडल पदाधिकारी सह जिला परिवहन पदाधिकारी माहेश्वरी प्रसाद, डीएसपी मुख्यालय सुनील कुमार सिंह समेत कई अधिकारी, थाना प्रभारी, जनप्रतिनिधि और शांति समिति के सदस्य मौजूद रहे. प्रशासन ने साफ कर दिया है कि बकरीद के दौरान शांति व्यवस्था भंग करने की कोशिश करने वालों पर कड़ी नजर रखी जाएगी और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
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