: जशपुर गांव में सरहुल पूजा कार्यक्रम कान्हाचट्टी. प्रखंड के बेंगोकला पंचायत के जशपुर गांव में शुक्रवार को सरहुल पूजा का आयोजन किया गया. इसमें मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व मंत्री सत्यानंद भोगता शामिल हुए. श्री भोगता ने पूजा-अर्चना कर प्रदेश में सुख, समृद्धि व शांति की कामना की. आयोजकों ने पूर्व मंत्री को अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया. इस मौके पर श्री भोगता ने कहा कि सरहुल पर्व प्रकृति, पर्यावरण व सामाजिक एकता का प्रतीक है. यह केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की पहचान व उनकी सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है. उन्होंने लोगों से मिल-जुलकर अपनी परंपराओं को सहेजने व आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाने की अपील की. कार्यक्रम के दौरान पूर्व मंत्री ने लोगों के साथ मांदर की थाप पर नृत्य किया. वहीं महिला-पुरुषों ने पेड़-पौधों की पूजा-अर्चना की. साथ ही उन्हें संरक्षित रखने का संकल्प लिया. मौके पर हंटरगंज प्रमुख प्रतिनिधि सह राजद नेता कमलेश यादव, राजद प्रखंड अध्यक्ष मो शेरशाह, खरवार भोगता समाज के जिलाध्यक्ष सिकेंद्र भोगता, पूर्व मुखिया योगेश यादव, ग्राम प्रधान रामसेवक सिंह, राजेश दास, टुनगुन कुमार समेत कई लोग उपस्थित थे.
सरहुल प्रकृति, पर्यावरण व सामाजिक एकता का प्रतीक है: भोगता
जशपुर गांव में सरहुल पूजा कार्यक्रम
