चतरा. गोपदा टीएलएस से स्टेट हाईवे स्थित टंडवा के खधैया पुल तक प्रस्तावित सड़क निर्माण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. जेएमएम नेता सह केंद्रीय सदस्य मनोज कुमार चन्द्रा ने चतरा उपायुक्त को पत्र देकर कोयला ट्रांसपोर्टिंग सड़क निर्माण में सरकारी भूमि, सड़क भूमि, वन भूमि और नदी क्षेत्र के कथित अतिक्रमण सहित पर्यावरण और जनसुरक्षा से जुड़े गंभीर मुद्दे उठाये हैं. उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषी पाये जाने पर संबंधित कंपनी एवं जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की मांग की है.
सरकारी जमीन पर निर्माण का लगाया आरोप
पत्र में कहा गया है कि जय अंबे रोड लाइन्स द्वारा गोपदा टीएलएस से स्टेट हाईवे तक कोयला ढुलाई सड़क निर्माण के क्रम में गैरमजरूआ सरकारी भूमि सहित अन्य भूमि पर कथित रूप से निर्माण कार्य किया गया है. मनोज कुमार चन्द्रा ने कहा कि उक्त भूमि पर खुदाई किये जाने से सरकारी संपत्ति को नुकसान होगा.
भारी वाहनों और प्रदूषण का भी जताया अंदेशा
आवेदन में अंचल टंडवा के ज्ञापांक 771, दिनांक 18 अगस्त 2026 का भी उल्लेख किया गया है. इसमें गोपदा टीएलएस से स्टेट हाईवे तक सड़क निर्माण को लेकर भविष्य में भारी वाहनों के बढ़ते दबाव, सड़क दुर्घटनाओं और प्रदूषण की आशंका जतायी गयी थी.
खधैया पुल के बजाय बेंदी से जोड़ने की मांग
पत्र में सड़क को चतरा की ओर स्थित खधैया पुल से जोड़ने के बजाय बड़कागांव-जुगरा-चापा होते हुए बेंदी स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग की ओर जोड़ने की मांग की गयी है.
रैयती जमीन के इस्तेमाल पर भी सवाल
मनोज कुमार चन्द्रा ने अपर समाहर्ता के 31 अगस्त 2026 के पत्र का हवाला देते हुए सीएनटी के तहत रैयती भूमि को छह वर्षों के लिए रेंट पर लेने की स्वीकृति की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाया है. उन्होंने आरोप लगाया है कि स्थानीय रैयतों को कथित रूप से गुमराह कर उनकी जमीन पर सड़क निर्माण कराया जा रहा है. उन्होंने पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है.
