चतरा. सदर प्रखंड के तपेज स्थित गंगा कोल्ड स्टोरेज में रखा भारी मात्रा में आलू सड़ गया. किसान जब शनिवार को कोल्ड स्टोरेज पहुंचे, तो सड़े हुए आलू देख आक्रोशित हो गये. किसानों के अनुसार खून-पसीना एक कर खेतों में आलू का पैदावार किया. आलू को कोल्ड स्टोरेज में इसलिए रखा, ताकि वह सुरक्षित रहे और बेहतर कीमत मिल सके. लेकिन जब वे आलू लेने पहुंचे, तो आलू खराब पाये गये. वहीं कोल्ड स्टोरेज से आलू के बारे गायब मिले. किसानों के अनुसार उन्होंने उधार और कर्ज लेकर आलू की खेती की थी. आलू सड़ने और गायब होने के बाद उनकी चिंता बढ़ गयी है. कोल्ड स्टोरेज प्रबंधन की ओर से देखरेख में लापरवाही का नतीजा है कि आलू सड़कर बर्बाद हो गये. स्टोरेज में दिये गये शुल्क भी डूब गये. किसानों ने उपायुक्त कीर्तिश्री जी से मामले की जांच कर लापरवाह लोगों पर कार्रवाई करने व नुकसान का आकलन कर मुआवजा देने की मांग की है.
इन किसानों को हुआ नुकसान:
सदर प्रखंड के तुड़ाग रमना निवासी उमेश महतो ने 30 अप्रैल को एक क्विंटल आलू रखा था. इसके लिए 380 रुपये जमा किये थे. ओबरा के राजेंद्र यादव ने 24 अप्रैल को 50 किलो आलू रखे थे. इसके लिए 190 रुपये जमा किये. असढ़िया के नागेश्वर यादव ने 19 मार्च को चार बोरा आलू रख 760 रुपये शुल्क जमा किये थे. उन्हें मात्र एक बोरा आलू मिला, शेष गायब थे. टीकर के कसियाडीह गांव के पंकज कुमार ने 19 अप्रैल को दो बोरा आलू रखा था. एक बोरा आलू मिला. कान्हाचट्टी के बाराबागी स्थित मायापुर के अवध किशोर पांडेय ने 14 अप्रैल को 50 किलो आलू कोल्ड स्टोरेज में रखा था. बाराबागी निवासी रामप्रीत दांगी ने 26 मार्च को एक क्विंटल आलू रखा था. बससपुरा पेलतोल के रामवृक्ष राणा ने 19 मार्च को एक क्विंटल आलू रखा था, जो बर्बाद और गायब हो गये.
वर्जन::: आलू रखने का सीजन जनवरी व फरवरी माह में होता हैं. किसानों ने मार्च, अप्रैल व मई माह में आलू लाकर स्टोरेज में रखा. इससे आलू गरम हो गया और ठंड में रखने से सड़ गया. आलू गायब नहीं हुआ है. मिलने में थोड़ा समय लग रहा है.संदीप कुमार गुप्ता, इंचार्ज-कोल्ड स्टोरेज
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