प्रतिनिधि, टंडवा टीएसपीसी के रिजनल कमेटी के प्रवक्ता कर्मवीर ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर लातेहार व आसपास के क्षेत्रों में टीएसपीसी के नाम पर निर्दोष युवकों की हजारीबाग पुलिस द्वारा गिरफ्तारी पर सवाल उठाया है. संगठन ने दावा किया है कि गिरफ्तार किये गये सभी युवक निर्दोष हैं और उन्हें बिना ठोस सबूत के फंसाया गया है. 16 व 17 मार्च 2026 की रात हजारीबाग पुलिस ने लातेहार जिले के विभिन्न गांवों से कई युवकों को उनके घरों से गिरफ्तार किया. इनमें सुंदेश मुंडा, लाल मोहन मुंडा, सर्वेंद्र गंझू, रविंद्र गंझू, विरेंद्र मुंडा, सुनील मुंडा, अनिल मुंडा व संजय मुंडा सहित आठ युवक शामिल हैं. संगठन का कहना है कि ये सभी आपस में रिश्तेदार हैं, जिनका किसी संगठन से कोई संबंध नहीं है. कमेटी ने आरोप लगाया कि इन युवकों को पहले से रिकवर किये गये हथियारों के मामलों में फंसाया गया है, ताकि पुलिस अपनी उपलब्धियां दिखा सके. कहा है कि संगठन के पूर्व सदस्य भिखन गंझू को भी झूठे मामलों में फंसाया गया था और वे कई वर्षों से जेल में हैं. इसी तरह आदिल अंसारी उर्फ देवा की गिरफ्तारी को भी संगठन ने संदिग्ध बताया है. संगठन ने पुलिस प्रशासन पर अत्याचार और दमन का आरोप लगाते हुए आम जनता से एकजुट होने की अपील की है.
टीएसपीसी के नाम पर हुई गिरफ्तारी पर उठाया सवाल
टीएसपीसी के नाम पर हुई गिरफ्तारी पर उठाया सवाल
