चतरा से दीनबंधू और मो तसलीम की रिपोर्ट
Chatra News: झारखंड के चतरा जिले के हंटरगंज थाना क्षेत्र स्थित सेलवार गांव में 28 जून को हुई देवचरण यादव की हत्या के मामले का पुलिस ने महज दो दिनों के भीतर खुलासा कर दिया है. इस ब्लाइंड मर्डर केस में पुलिस ने मृतक के भाई, भाभी, भतीजे और भतीजी को गिरफ्तार किया है. पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में भूमि विवाद और पारिवारिक तनाव हत्या के प्रमुख कारण के रूप में सामने आए हैं.
विशेष जांच टीम के गठन के बाद मिला सुराग
सोमवार को एसडीपीओ सन्नी वर्धन ने अपने कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि 28 जून को सेलवार गांव निवासी देवचरण यादव का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ था. घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया. पुलिस टीम ने घटनास्थल से मिले साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण किया. साथ ही, तकनीकी अनुसंधान और संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ी गईं. इसी क्रम में हत्या की गुत्थी सुलझाने में सफलता मिली.
चार परिजनों को किया गया गिरफ्तार
जांच के दौरान पुलिस ने मृतक के भाई कामदेव यादव, भाभी बिंदु देवी, भतीजे विकास यादव और भतीजी प्रियंका देवी को गिरफ्तार किया. पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में चारों आरोपियों ने हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है. एसडीपीओ ने बताया कि जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि देवचरण यादव की हत्या गला दबाकर की गई थी. घटना को अंजाम देने के बाद इसे सामान्य मौत या अन्य परिस्थिति का रूप देने की कोशिश की गई, लेकिन वैज्ञानिक जांच और तकनीकी साक्ष्यों ने पूरे मामले का खुलासा कर दिया.
भूमि विवाद और पारिवारिक तनाव बना कारण
पुलिस के मुताबिक, परिवार के बीच लंबे समय से भूमि को लेकर विवाद चल रहा था. इसके अलावा पारिवारिक स्तर पर तनाव की भी स्थिति बनी हुई थी. प्रारंभिक जांच में इन्हीं कारणों को हत्या के पीछे की मुख्य वजह माना गया है. पुलिस ने बताया कि इन्हीं विवादों के चलते साजिश रची गई और देवचरण यादव की गला दबाकर हत्या कर दी गई. मामले की विस्तृत जांच अभी भी जारी है ताकि घटना से जुड़े हर पहलू की पुष्टि की जा सके.
अन्य लोगों की भूमिका की भी हो रही जांच
एसडीपीओ सन्नी वर्धन ने बताया कि गिरफ्तार सभी आरोपियों से पूछताछ पूरी करने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया की जा रही है. साथ ही पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इस घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी. उन्होंने कहा कि यदि जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी.
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वैज्ञानिक जांच से जल्द हुआ खुलासा
एसडीपीओ ने कहा कि वैज्ञानिक अनुसंधान, तकनीकी साक्ष्यों और पुलिस टीम की सतर्कता के कारण इस ब्लाइंड मर्डर केस का महज दो दिनों में खुलासा संभव हो सका. उन्होंने कहा कि जिले में गंभीर अपराधों के मामलों में त्वरित जांच और कार्रवाई की नीति जारी रहेगी. पुलिस ने स्पष्ट किया कि हत्या जैसे संगीन मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के दायरे में रहकर सभी आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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