अफीम की खेती नष्ट होने से तिलमिला नक्सली मनोहर गंझू का दस्ता

चतरा जिला के लावालौंग और कुंदा क्षेत्र में अफीम की खेती नष्ट किये जाने से माओवादी संगठन का जोनल कमांडर मनोहर गंझू तिलमिला गया है.

रांची. चतरा जिला के लावालौंग और कुंदा क्षेत्र में अफीम की खेती नष्ट किये जाने से माओवादी संगठन का जोनल कमांडर मनोहर गंझू तिलमिला गया है. अफीम की फसल से इन लोगों को मोटी कमाई होती थी. सूत्रों के अनुसार, मनोहर गंझू दस्ते को शक है कि लावालौंग का संतन गंझू पुलिस के लिए मुखबिरी का काम करता है. इसकी सूचना के कारण ही अफीम की फसल को नष्ट किया गया है, जिससे आर्थिक क्षति हुई है. हालांकि यह जांच का विषय है. गौतम और चार्लिस के मारे जाने के बाद मनोहर संभाल रहा है कमान: तीन अप्रैल 2023 को चतरा में पुलिस के साथ मुठभेड़ में माओवादी सैक सदस्य गौतम पासवान और चार्लिस सहित पांच नक्सली मारे गये थे. इसके बाद सब जोनल कमांडर मनोहर गंझू ने संगठन की कमान संभाल ली. बाद में मनोहर को संगठन में प्रमोशन देकर जोनल कमांडर बना दिया गया. इस पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित है. मनोहर के अलावा दस्ता में पुराने तीन अन्य नक्सली ही बचे हैं. कुछ नये सदस्य को उसके द्वारा संगठन में जोड़े जाने की बात कही जा रही है. रवींद्र, मृत्युंजय और नितेश चुनौती : चतरा के अलावा लोहरदगा जिले में माओवादी रीजनल कमेटी सदस्य रवींद्र गंझू लोहरदगा जिले में सक्रिय है. वहीं लातेहार के नेतरहाट थाना क्षेत्र के आदे गांव में जोनल कमांडर मृत्युंजय भुइयां का दस्ता है. साथ ही पलामू में रीजनल कमेटी सदस्य नितेश अपने दस्ता के साथ लंबे समय से सक्रिय है. हालांकि दस्ता के खिलाफ पुलिस की लगातार कार्रवाई होने से दस्ता कमजोर हो गया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Anuj singh

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >