टंडवा. आम्रपाली कोल परियोजना के तहत सेरनदाग में भूमि अधिग्रहण व प्रस्तावित रेलवे साइडिंग/लूप लाइन निर्माण को लेकर चल रहा विवाद अब दिल्ली दरबार तक पहुंच गया है. ग्रामीणों से ज्ञापन मिलने के बाद सांसद कालीचरण सिंह ने कोयला सचिव व खान सचिव भारत सरकार से मिलकर ग्रामीणों की समस्याओं से अवगत कराया. बताया कि सेरनदाग के ग्रामीणों द्वारा जानकारी दी गयी है कि लगभग 297 एकड़ भूमि पर कोल बेयरिंग एरिया (सीबीए) एक्ट, 1957 के तहत अधिग्रहण (सेक्शन) लगाया गया है. जबकि सीएमपीडीआई की रिपोर्ट के अनुसार उक्त भूमि में कोयले की उपलब्धता नहीं है और वहां खनन की कोई व्यावहारिक संभावना भी नहीं पायी गयी है. सांसद ने यह भी बताया कि रेलवे साइडिंग/लूप लाइन निर्माण के लिए प्रस्तावित वर्तमान मानचित्र गांव के बीच से होकर गुजर रहा है, जिससे सैकड़ों एकड़ भूमि अनावश्यक रूप से अधिग्रहण की जद में आ रही है. इस कारण बड़े पैमाने पर विस्थापन की आशंका बनी हुई है. सांसद ने कहा कि पूर्व में आयोजित ग्राम सभा में अनियमितताएं हुई हैं तथा बिना विधिसम्मत प्रक्रिया अपनाये अनापत्ति प्राप्त करने का प्रयास किया गया. ग्रामीणों द्वारा संबंधित अधिकारियों को शिकायत भी की जा चुकी है. उन्होंने सचिव से कहा कि ग्रामीण विकास कार्यों के विरोध में नहीं हैं और रेलवे साइडिंग निर्माण के लिए आवश्यक भूमि देने को तैयार हैं, लेकिन अनावश्यक अधिग्रहण और त्रुटिपूर्ण मानचित्र के कारण उन्हें गंभीर सामाजिक एवं आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ रहा है. सांसद ने कोयला सचिव से उच्च स्तरीय जांच कराने, सीबीए एक्ट के तहत अधिग्रहण के अंतर्गत शामिल अनावश्यक भूमि की समीक्षा कर उसे शीघ्र मुक्त कराने व रेलवे साइडिंग/लूप लाइन के लिए मानचित्र का पुनः सर्वेक्षण कर जनहित में संशोधन करने की मांग की है. मौके पर हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल भी उपस्थित थे.
सांसद ने कोयला सचिव व खान सचिव से मिल कर रेलवे का पुन सर्वेक्षण की मांग की
ग्रामीणों से ज्ञापन मिलने के बाद सांसद कालीचरण सिंह ने कोयला सचिव व खान सचिव भारत सरकार से मिलकर ग्रामीणों की समस्याओं से अवगत कराया.
