मयूरहंड. देश की सेवा में तैनात सीमा सुरक्षा बल धनगावां गांव की बेटी बीएसएफ की महिला जवान रानी कुमारी (28 वर्ष) का पार्थिव शरीर आज तिरंगे में लिपटकर कोलकाता से हजारीबाग स्थित अस्थाई आवास सिंदूर पहुंचा. जहां अंतिम दर्शन के बाद विदाई व अग्नि संस्कार किया गया. बड़े भाई प्रवीण गोसाई ने मुखाग्नि दी. रानी धनगावां निवासी दुर्बली गोसाई की पुत्री थी. उनकी माता अंजू देवी है. उनके तीन भाई हैं. भाइयों में प्रवीण गोसाई, नवीन गोसाई, सविन गोसाई शामिल है. शमशान घाट पर जवानों ने दी अंतिम सलामी. शमशान घाट पर बीएसएफ के जवानों ने अंतिम सलामी ली. कोलकाता में हुई यह घटना 29 अगस्त को बताई जा रही है. पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिले के कल्याणी में पदस्थापित थीं.
अगले वर्ष होने वाली थी रानी की विवाह
रानी कुमारी का अगले वर्ष विवाह होने वाला था. परिजनों ने इसकी तैयारी पूरी कर रखी थी. निर्धारित समय का इंतजार किया जा रहा था. रानी की नियुक्ति वर्ष 2021 में हुई थी. पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिला स्थित कल्याणी में पदस्थापित थी. उनके हजारीबाग स्थित सिंदूर में अस्थाई घर है.
तिरंगे में लिपटकर पहुंचा पार्थिक शरीर
रानी का शव तिरंगे में लिपटकर हजारीबाग स्थित सिंदूर पहुंचा. बीएसएफ 172 वीं बटालियन की टीम जैसे ही मेरु कैंप स्थित महिला फोर्स रानी कुमारी की पार्थिव शव भारतीय तिरंगे में लिपटकर पंहुचते देखी. इस बीच परिजनों की चीत्कार से मेरू कैंप गमगीन हो गया.
परिजनों के चीत्कार से गमगीन हुआ माहौल
तिरंगे में लिपटकर रानी का शव जैसे ही हज़ारीबाग पहुंचा, परिजनों को सूचना मिली, वैसे ही चतरा जिला पिछडा श्रमिक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष रामभरोष यादव, समाजसेवी आदित्य यादव, जितेंद्र गोस्वामी समेत कई लोग शामिल हुए हैं. रानी के चाचा जितेंद गोसाई ने कहा आज फिर एक बेटी ने देश के लिए अपनी जान गवां दी है. हम सभी को गर्व है अपनी बेटी पर.
शोक में डूबा धनगावां गांव
रानी के शव तिरंगे में लिपटकर हज़ारीबाग में पहुंचने की सूचना जैसे ही गांव वालों को मिली लोग शोक में डूब गये. गांव में मातम पसरा हुआ है. पूरा गांव शोक में डूबा हुआ है.
