भदलपुर में पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महामस्तकाभिषेक महोत्सव शुरू

पहले दिन भक्तिभाव से निकली घटयात्रा

पहले दिन भक्तिभाव से निकली घटयात्रा इटखोरी. मां भद्रकाली मंदिर परिसर के पास जैन धर्म के 10वें तीर्थंकर भगवान शीतलनाथ के जन्मभूमि भदलपुर में रविवार से पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महामस्तकाभिषेक महोत्सव शुरू हुआ है. महोत्सव छह फरवरी तक होगा. पहले दिन भव्य घटयात्रा निकली, जिसमें जैन समाज की महिलाएं शामिल हुईं. घटयात्रा में आधा दर्जन रथ शामिल हुए. मौके पर देव आज्ञा, गुरु आज्ञा, मंडप शुद्धि हुआ. इसके बाद पांडुकशिला के पास धर्म ध्वजारोहण किया गया, जिसमें दानदाता गाजियाबाद के जंबू प्रसाद जैन, उनकी पत्नी सरोज जैन, संजय जैन व उनकी पत्नी नीतू जैन व अन्य लोग शामिल हुए. कार्यक्रम में जैनमुनि आचार्य श्री 108 भद्रवाहु सागर जी महाराज व कर्मयोगी पीठाधीश स्वस्ति श्री रविंद्रकीर्ति जी भी शामिल हुए हैं. मौके पर अध्यात्म जैन व उनकी पत्नी अर्पिता जैन (सौधर्म इंद्र), महायज्ञ नायक पवन पुष्पा काला, किशोर अनिता विनायका, ईशान इंद्र विनोद जैन सकुंतला जैन, सुरेश झांझरी, प्रेम झांझरी (माता पिता), मनोज जैन वंदना गंगवाल (सनत इंद्र), सुरेंद्र काला सुनीता काला (कुबेर इंद्र), प्रमोद सुनीता काशलीवाल (महेंद्र इंद्र) की उपाधि से सुशोभित हुए हैं. वर्ष 1981-82 में मां भद्रकाली मंदिर के अगल-बगल खुदाई के दौरान जैन धर्म के दसवें तीर्थंकर भगवान शीतलनाथ जी का चरण व ताम्र पत्र मिला था, उसके बाद से जैन धर्म के लोगों ने उक्त स्थल पर मंदिर निर्माण करने का संकल्प लिया था. नया भव्य मंदिर बनकर तैयार हो गया है. मंदिर में भगवान को स्थापित करने के बाद पंचकल्याणक कराया जा रहा है. जैनमुनि भद्रवाहु जी महाराज का मंगल प्रवेश हुआ पंचकल्याणक महोत्सव के मौके पर जैनमुनि भद्रवाहू जी महाराज ससंघ का इटखोरी में मंगल प्रवेश हुआ. जैन समाज के महिला व पुरुषों ने गाजे बाजे के साथ स्वागत किया. पोस्ट ऑफिस जैन मंदिर के पास उनका अभिनंदन किया गया. महिलाओं ने पैर पखारा व आरती की. महोत्सव में देश के कई प्रदेशों से जैन समाज के लोग आये हैं. शीतलनाथ भगवान के मंदिर का निर्माण ज्ञानमती माता जी के सानिध्य में हुआ है. उनके सुझाव से ही सभी कार्य होते हैं.

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By DEEPESH KUMAR

DEEPESH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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